Friday, May 2, 2014

गर्भ धारण करने के लिए व्यायाम

गर्भ धारण

एक नज़र डालिये इस लेख पर और जानिये कि आप किस तरह से इन व्यायाम को करने से जल्द से जल्द प्रेगनेंट हो सकती हैं।   
 







1. जब आप गर्भ धारण करने की योजना बना रहीं हों, तो आपको कुछ सरल व्यायाम करने चाहिए जो समय पर ओव्युलेशन का समय सुनिश्चित करे।  
 2. इन दिनों किया गया व्यायाम रेगुलर व्यायामों से काफी अलग होता है। कभी भी स्ट्रेचिंग, रस्सी कूद और भंयकर व्यायाम न करें वरना इससे मिसकैरेज हो सकता है।  
 3. चलना एक सबसे प्रभावी व्यायाम है। हर रोज़ धीमी गति से चलना स्वास्थ्य के लिए लाभकर है। जब आप कंसीव कर लें तब भी इस अभ्यास को जारी रख सकती हैं। 
  4. यह तो हम सब जानते हैं कि साइकलिंग करना शरीर के लिए कितना लाभकारी होता है। इससे पैर और जांघ की मासपेशियों में खून का प्रभाव बढ़ता है। साथ ही यह वजन को कम करता है और पेडू की मासपेशियों को मजबूत भी करता है।   
5. ध्यान लगाएं। यह एक प्रभावशाली योगा है जो दिमाग और शरीर को आराम पहुंचाता है। जब एक महिला प्रेगनेंट होने के बारे में सोंचती है तब वह काफी तनाव से भर उठती है, जिससे कंसीव करने में देरी हो जाती है। ध्यान लगाने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढता है और शरीर को शांती मिलती है। इसलिए यह व्यायाम जरुर करें। 
  6. महिलाओं के लिए तैराकी एक सबसे उत्तम व्यायाम है। स्विमिंग लैप्स, ग्रुप वॉटर एक्सरसाइज और पूल जॉगिंग, यह सारे व्यायाम काफी लाभदायक होते हैं। आप चाहें तो कंसीव करने के बाद भी इस व्यायाम को चालू रख सकती हैं, पर अपने डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें। 
 जल्दी प्रेगनेंट होने के लिए खाएं यह आहार  यह तो हम सब जानते हैं कि सही प्रकार का किया गया भोजन हमारे शरीर को फिट रखने में कारगर होता है। इसी तरह से जब आप प्रेगनेंट होना चाहती हैं तब आप हर उस आहार को ट्राई करना चाहती हैं जो आपके स्वास्थ्य के लिए सही हो। 
गर्भावती महिलाओं को हमेशा यह सलाह दी जाती है कि वह कुछ भी ऐसा वेसा ना खाएं जो उनको नुक्सान पंहुचाए।
 पर क्या आपको पता है कि कुछ इस प्रकार के आहार हैं जिन्हें खा कर आप जल्दी प्रेगनेंट हो सकती हैं।
 चलिए जानते हैं इनके बारे में। 
  आहार जो आपके लिए फायदेमंद हैं  
1. सबसे पहले जरुरत है ऐसे जैविक फलों की जो ताजे हों। कभी भी डिब्बा बंद भोजन और फल न खरीदें वरना यह आपके होने वाले बच्चे को नुक्सान पहुंचा सकता है।  
 2. रेशा युक्त आहार करने से पेट साफ रहता है और इससे शरीर की सारी गंदगी भी दूर निकल जाती है। इसलिए आपको आपने भोजन में साबुत आनाज, भूरा चावल, सन बीज, पूरे गेहूं की रोटी, बीन्स, जई, और मूंगफली खानी चाहिए।  
 3. हरी पत्तेदार सब्जियां जिसमें पालक गर्भावती महिलाओं के लिए सबसे उपयुक्त आहार होता है। इस सब्जी में लोह, एंटीऑक्सीडेंट और फॉलिक एसिड पाया जाता है जो जो प्रजन्न अंगों के लिए अच्छा होता है।  
 4. फोलिक एसिड से भरपूर खाद्य गर्भवती होनें में तेजी से मदद करता है फोलिक एसिड प्रजनन प्रणाली में तेजी के साथ गर्भ धारण करने के लिए अंडे का उत्पादन बढ़ता है। सोया उत्पादों, सेम विभाजन, अंडे की जर्दी, आलू, गेहूं का आटा, गोभी, चुकंदर, केले, ब्रोकोली, और ब्रुसेल्स के अंकुर फोलिक एसिड की मात्रा में ज्यादा होते हैं। 
  5. अक्सर अनियमित मासिक भी महिलाओं के साथ एक बड़ी समस्या है। जल्द गर्भधारण करने के लिए आपका मासिक बिल्कुल ठीक होना चाहिए। अगर आप मटर, गाजर, शकरकंद और ग्रेप फ्रूट खाने से नियमित मासिक होगा।  
 6. दूध के उत्पाद न केवल कैल्शिम में ज्यादा होते हैं बल्कि उससे गैसटेशन फरटिलिटी हॉरमोन जल्द बनता है। दही, अंडा, दूध के अलावा आपको मछली खानी चाहिए ज।  
7. बादाम, अखरोट, और खुबानी ओमेगा 3 फैटी एसिड में अत्यधिक होते हैं, जो हेल्दी वसा होता है।
  शिशुओं के लिए सबसे सर्वश्रेष्ठ आहार  बच्चा जब भी खाना सीखता है तो हम तरह तरह के आहार उसके लिए बनाना शुरु कर देते हैं। कई मांए तो इंटरनेट पर भी अपनी खोज बीन जारी रखती हैं पर इंटरनेट पर हमें ज्यादातर विदेशी भोजन या आहार ही मिलते हैं, जिसे भारतीय बच्चे इतना पसंद नहीं करते। हमारे भारतीय व्यंजनों में ही इतना कुछ पौष्टिक आहार है कि अगर हम उसे अपने शिशु को दें तो उसके जल्दी बढ़ने बौर शरीर में मजबूती होने के आसार काफी बढ़ जाएगें। 
शिशुओं के लिए पौष्टिक आहार:  
  1. दही चावल: यह उन बच्चों कि लिए बहुत लाभकारी है जिन्होनें तुरंत ही खाना सीखा हो। चावल, चीनी और दूध मिला कर तैयाद किया जाने वाल यह भोजन बिल्कुल भी मसालेदार नहीं होता और खाने में हल्का भी होता है। इसे खाने से आपके बेबी को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और चीनी से एनर्जी मिलेगी।   
2. घी रोटी: घी खाने से हड्डियों को ताकत मिलती है और वह मजबूत बनती हैं। आम तौर पर हमारे घरों में रोटियां थोडी ठोस बनती हैं इसलिए अगर उसमें घी लगा कर बच्चे को खिलाया जाए तो वह उसे अच्छे से निगल लेगा। अच्छा होगा कि अगर आप घी को बाजार से लाने के बजाए घर पर ही बनाएं।  
 3. मलाई चिकन या बेजिटेबल करी: हमारे भारतीय भोजन में सब्जि को चावल और दाल को रोटी के साथ खाये जाने की प्रथा है। इसलिए अगर आप भी चाहती हैं कि आपका बच्चा इस भोजन को प्यार और मजे के साथ खाए तो सब्जि को बनाते वक्त उसमें मसाला ना डालकर उसमें थोडा सा क्रीम डालें। आप उसमें दही या फिर काली मिर्च का उपयोग भी कर सकती हैं। इसमें ढेर सारी सब्जियां या फिर चिकन डाल कर खिलाएगीं तो बच्चे को पोषण मिलेगा।  
 4. खिचड़ी: यह बहुत ही आम सा भोजन है जिसे बच्चे बडे ही प्यार से खाते हैं। इसको बनाने के लिए आप तरह तरह की दालों और सब्जियों का प्रयोग कर सकती हैं। यकीन मानिए कि इसमें इतना पौष्टिक तत्व भरा होगा जिसकी आप कामना भी नहीं कर सकतीं।  
5. दलिया: भारत में यह ऐसा आहार है जिसे बच्चे और बूढ़े बडे मन से खाते हैं। यह गेंहु से बना हुआ होता है जिसे पचने में ज्यादा समय नहीं लगता। इसमें रेशा काफी मात्रा में पाया जाता है जिससे बच्चे को पेट संबधित कोई बीमारी नहीं होगी।
 बच्चे के लिए बनाने के लिए इसमें आप सब्जियों और घी का प्रयोग कर सकतीं हैं। सीजेरियन के बाद पेट पर पड़े निशान को ऐसे मिटाएं  कई महिलाओं को सिज़ेरीअन दा्रा शिशु को जन्म देने में बस एक ही बात से नफरत होती है कि उनके पेट पर गहरे निशान बन जाते हैं जो कई कोषिशों के बाद भी जाने का नाम नहीं लेते। यह निशान इतने गहरे होते हैं कि इन्हें आसानी से मिटाया नहीं जा सकता, पर हां इन्हें घरेलू उपचार दा्रा कम जरुर किया जा सकता है। 
  घरेलू उपचार-   नींबू- यह निशान को कम करने के रूप में सबसे अच्छा प्राकृतिक उपचार माना जाता है। चीरा लगने के 6 महीने के बाद निशान पर नींबू स्लाइ लगाना चाहिए। जब तक टांके पूरी तरह से सूख न जाएं तब तक अपने चीरे पर कुछ नहीं लगाना चाहिए। 
यदि आपकी त्वचा नींबू का रस लगाने के बाद जलती है तो नींबू के रस को पानी मिला कर पतला कर लें। कभी भी रस को 3-4 मिनट से ज्यादा त्वचा पर न रखें। 
  टमाटर- टमाटर के गूदे या फिर इसके पेस्ट को अपने पेट के निशान पर लगभग 20-30 मिनट तक के लिए लगा कर छोड़ देना चाहिए।
निशान हटाने के लिए इसका प्रयोग रोज़ करना चाहिए। 
  एलोवेरा- ऐलोवेरा के पेड़ से उसके अंदर का जेल निकाल लें और रात भर लगा कर छोड़ दें। सुबह होते ही ठंडे पानी से इसे धो लें और लोशन लगा लें। 
  सेब का सिरका- निशान को हटाने के लिए सेब के सिरके को पानी में घोलें और उसे 20 मिनट के लिए निशान पर लगाएं। इसके बाद गरम पानी से उस जगहं को साफ कर लें। 
इससे आपको जरुर फायदा होगा।  
 पित्त के उतार-चढ़ाव को कैसे करें नियंत्रित  लीवर से निकलने वाला बाइल यानी की पीले रंग का वह रस जिसका मुख्य कार्य होता है वसा को शरीर में तोड़ना। पित्त का उतार-चढ़ाव शरीर के लिए बडी परेशानी पैदा कर सकता है।
 जब भी बाइल जूस आंत से ऊपर उठ कर पेट और गले में जाता है तो उल्टी, चक्कर, पेट दर्द और हृदय में जलन जैसी समस्या पैदा हो जाती है। 
चलिए जानते हैं बाइल जूस के उतार-चढ़ाव को कैसे ठीक किया जाए।   
प्राकृतिक उपचार 
  1.आमतौर पर यह समस्या ज्यादा खा लेने की वजह से आती है। इसलिए सोने से 3-4 घंटे पहले ही खा लेना चाहिए जिससे खाना अच्छे से हज़म हो जाए और परेशानी न हो। 
  2.कोशिश करें की कम-कम मात्रा में आहार का सेवन करें जिससे कि बाइल ज्यादा न बनें। रात में कम वसा वाला ही भोजन खाएं। 
  3.डिनर में कभी भी तेल और मसालेदार युक्त भोजन न करें। यह पित्त को बढ़ाएगा और लीवर को फैट बर्न करने के लिए ज्यादा कार्य करना पड़ेगा।  
 4.अगर आपको पित्त की ज्यादा परेशानी है तो रात में फलों का जूस न पिएं। ऐसे जूस जिसमें एसिड पाया जाता है जैसे, नींबू, मुसम्मी और संतरा लीवर में बाइल के प्रोडक्शन को और भी ज्यादा बढ़ा देते हैं। इन रसों में सिट्रस एसिड पाया जाता है। यही नहीं रात को शराब पीने से भी बचना चाहिए।
  5.पेट में गडबडी का कारण कैफीन, चॉकलेट, टमाटर, पुदीना, सिट्रस फ्रूट, सोडा और वसा युक्त आहार होते हैं, इसलिए इन्हें आपने भोजन में कम शामिल करें।   
6.बाइल को ऊपर आने से रोकने के लिए अपने सिर को ऊपर की तरफ रखें। 
सोने से पहले थोड़ा सा टहलना जरुरी है जिससे खाना हज़म हो जाए और बाइल से मुक्ती मिल सके।   
7.पित्त के ऊतार-चढ़ाव को खत्म करने के लिए रोज़ाना व्यायाम करें।
 यह सबसे बढि़यां प्राकृतिक उपचार है इससे मुक्ती पाने के लिए।  
 8.शरीर में कभी पानी की कमी न होने दें।
 हमेशा सोने से पहले गरम पानी का सेवन करें।
 असरदार इलाज: 
पाइल्स से रिलीफ के लिए ऐसे उपयोग करें अनार का छिलका  अनार एक ऐसा फल है जो खट्टा-मीठा और स्वाद से भरपूर होने के साथ ही अनार स्वरतंत्र, फेफड़े, यकृत, दिल, आमाशय तथा आंतों के रोगों पर बहुत फायदेमंद है।
 अनार में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीवायरल और एंटी-ट्यूमर जैसे तत्व पाये जाते हैं।

बालों को काला घना और मजबूत बनाने के लिए कुछ आयुर्वेदिक नुस्खें

बालों को काला घना और मजबूत बनाने के लिए कुछ आयुर्वेदिक नुस्खें




1- घी खाएं और बालों के जड़ों में घी मालिश करें।

2- गेहूं के जवारे का रस पीने से भी बाल कुछ समय बाद काले हो जाते हैं।

3- तुरई या तरोई के टुकड़े कर उसे धूप मे सूखा कर कूट लें। फिर कूटे हुए मिश्रण में इतना नारियल तेल डालें कि वह डूब जाएं। इस तरह चार दिन तक उसे तेल में डूबोकर रखें फिर उबालें और छान कर बोतल भर लें। इस तेल की मालिश करें। बाल काले होंगे।

4- नींबू के रस से सिर में मालिश करने से बालों का पकनागिरना दूर हो जाता है। नींबू के रस में पिसा हुआ सूखा आंवला मिलाकर सफेद बालों पर लेप करने से बाल काले होते हैं।

5- बर्रे(पीली) का वह छत्ता जिसकी मक्खियाँ उड़ चुकी हो 25 ग्राम, 10-15 देसी गुड़हल के पत्ते,1/2 लीटर नारियल तेल में मंद मंद आग पर उबालें सिकते-सिकते जब छत्ता काला हो जाये तो तेल को अग्नि से हटा दें. ठंडा हो जाने पर छान कर तेल को शीशी में भर लें. प्रतिदिन सिर पर इसकी हल्के हाथ से मालिश करने से बाल उग जाते हैं और गंजापन दूर होता है.

6- कुछ दिनों तकनहाने से पहले रोजाना सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।

7- नीबू के रस में आंवला पाउडर मिलाकर सिर पर लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।

8- तिल का तेल भी बालों को काला करने में कारगर है।

9- आधा कप दही में चुटकी भर काली मिर्च और चम्मच भर नींबू रस मिलाकर बालों में लगाए। 15 मिनट बाद बाल धो लें। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।

10- नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।

11- चाय पत्ती के उबले पानी से बाल धोएं। बाल कम गिरेंगे।

12- बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। फायदा होगा।

13- दस मिनट का कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। बाल नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ (रूसी) भी नहीं होगी।

14- 50 ग्राम कलौंजी लीटर पानी में उबाल लें। इस उबले हुए पानी से बालों को धोएं। इससे बाल महीने में ही काफी लंबे हो जाते हैं।

15- नीम और बेर के पत्तो को पानी के साथ पीसकर सिर पर लगा लें और इसके 2-3 घण्टों के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम हो जाता है और बाल लंबे भी होते हैं।

16- लहसुन का रस निकालकर सिर में लगाने से बाल उग आते हैं।

17- सीताफल के बीज और बेर के बीज के पत्ते बराबर मात्रा में लेकर पीसकर बालों की जड़ों में लगाएं। ऐसा करने से बाल लंबे हो जाते हैं।

18- 10 ग्राम आम की गिरी को आंवले के रस में पीसकर बालों में लगाना चाहिए। इससे बाल लंबे और घुंघराले हो जाते हैं।

19- शिकाकाई और सूखे आंवले को 25-25 ग्राम लेकर थोड़ा-सा कूटकर इसके टुकड़े कर लें। इन टुकड़ों को 500 ग्राम पानी में रात को डालकर भिगो दें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे सिर की मालिश करें। 10-20 मिनट बाद नहा लें। इस तरह शिकाकाई और आंवलों के पानी से सिर को धोकर और बालों के
सूखने पर नारियल का तेल लगाने से बाल लंबेमुलायम और चमकदार बन जाते हैं।

20- ककड़ी में सिलिकन और सल्फर अधिक मात्रा में होता है जो बालों को बढ़ाते हैं। ककड़ी के रस से बालों को धोने से तथा ककड़ीगाजर और पालक सबको मिलाकर रस पीने से बाल बढ़ते हैं। यदि यह सब उपलब्ध न हो तो जो भी मिले उसका रस मिलाकर पी लें। इस प्रयोग से नाखून गिरना भी बन्द हो जाता है।

21- कपूर कचरी 100 ग्रामनागरमोथा 100 ग्रामकपूर तथा रीठे के फल की गिरी 40-40 ग्रामशिकाकाई 250 ग्राम और आंवले 200 ग्राम की मात्रा में लेकर सभी का चूर्ण तैयार कर लें। इस मिश्रण के 50 ग्राम चूर्ण में पानी मिलाकर लुग्दी(लेप) बनाकर बालों में लगाना चाहिए। इसके पश्चात् बालों को गरम पानी से खूब साफ कर लें। इससे सिर के अन्दर की जूं-लींकें मर जाती हैं और बाल मुलायम हो जाते हैं।

22- गुड़हल के फूलों के रस को निकालकर सिर में डालने से बाल बढ़ते हैं।

23- गुड़हल के ताजे फूलों के रस में जैतून का तेल बराबर मिलाकर आग पर पकायेंजब जल का अंश उड़ जाये तो इसे शीशी में भरकर रख लें। रोजाना नहाने के बाद इसे बालों की जड़ों में मल-मलकर लगाना चाहिए। इससे बाल चमकीले होकर लंबे हो जाते हैं।

24- बालों को छोटा करके उस स्थान पर जहां पर बाल न हों भांगरा के पत्तों के रस से मालिश करने से कुछ ही दिनों में अच्छे काले बाल निकलते हैं जिनके बाल टूटते हैं या दो मुंहे हो जाते हैं।

25- त्रिफला के चूर्ण को भांगरा के रस में उबाल देकर अच्छी तरह से सुखाकर खरल यानी पीसकर रख लें। इसे प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 2ग्राम तक सेवन करने से बालों का सफेद होना बन्द जाता है तथा इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।

26- आंवलों का मोटा चूर्ण करकेचीनी के मिट्टी के प्याले में रखकर ऊपर से भांगरा का इतना डाले कि आंवले उसमें डूब जाएं। फिर इसे खरलकर सुखा लेते हैं। इसी प्रकार भावनाएं (उबाल) देकर सुखा लेते हैं। प्रतिदिन ग्राम की मात्रा में ताजे पानी के साथ सेवन से करने से असमय ही बालों का सफेद होना बन्द जाता
है। यह आंखों की रोशनी को बढ़ाने वालाउम्र को बढ़ाने वाला लाभकारी योग है।

27- भांगरात्रिफलाअनन्तमूल और आम की गुठली का मिश्रण तथा 10 ग्राम मण्डूर कल्क व आधा किलो तेल को एक लीटर पानी के साथ पकायें। जब केवल तेल शेष बचे तो इसे छानकर रख लें। इसके प्रयोग से बालों के सभी प्रकार के रोग मिट जाते हैं।

28- 250 ग्राम अमरबेल को लगभग लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाये तो इसे उतार लें। सुबह इससे बालों को धोयें। इससे बाल लंबे होते हैं।


29- त्रिफला के से ग्राम चूर्ण में लगभग ग्राम का चौथा भाग लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है

नशा छोड़ने का आसान तरीका

नशा छोड़ने का आसान तरीका





मित्रो बहुत से लोग नशा छोडना चाहते है पर उनसे छुटता नहीं है !बार बार वो कहते है हमे मालूम है ये गुटका खाना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे ???
बार बार लगता है ये बीड़ी सिगरेट पीना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे !??
बार बार महसूस होता है यह शाराब पीना अच्छा नहीं है लेकिन तलब हो जाती है तो क्या करे ! ????

तो आपको बीड़ी सिगरेट की तलब न आए गुटका खाने के तलब न लगे ! शारब पीने की तलब न लगे ! इसके लिए बहुत अच्छे दो उपाय है जो आप बहुत आसानी से कर सकते है ! पहला ये की जिनको बार बार तलब लगती है जो अपनी तलब पर कंट्रोल नहीं कर पाते नियंत्रण नहीं कर पाते इसका मतलब उनका मन कमजोर है ! तो पहले मन को मजबूत बनाओ!






मन को मजबूत बनाने का सबसे आसान उपाय है पहले थोड़ी देर आराम से बैठ जाओ ! आलती पालती मर कर बैठ जाओ ! जिसको सुख आसन कहते हैं ! और फिर अपनी आखे बंद कर लो फिर अपनी दायनी(right side) नाक बंद कर लो और खाली बायी(left side) नाक से सांस भरो और छोड़ो ! फिर सांस भरो और छोड़ो फिर सांस भरो और छोड़ो !

बायीं नाक मे चंद्र नाड़ी होती है और दाई नाक मे सूर्य नाड़ी ! चंद्र नाड़ी जितनी सक्रिये (active) होगी उतना इंसान का मन मजबूत होता है ! और इससे संकल्प शक्ति बढ़ती है ! चंद्र नाड़ी जीतने सक्रिये होती जाएगी आपकी मन की शक्ति उतनी ही मजबूत होती जाएगी ! और आप इतने संकल्पवान हो जाएंगे ! और जो बात ठान लेंगे उसको बहुत आसानी से कर लेगें ! तो पहले रोज सुबह मिनट तक नाक की right side को दबा कर left side से सांस भरे और छोड़ो ! ये एक तरीका है ! और बहुत आसन है !

दूसरा एक तरीका है आपके घर मे एक आयुर्वेदिक ओषधि है जिसको आप सब अच्छे से जानते है और पहचानते हैं ! राजीव भाई ने उसका बहुत इस्तेमाल किया है लोगो का नशा छुड्वने के लिए ! और उस ओषधि का नाम है अदरक ! और आसानी से सबके घर मे होती है ! इस अदरक के टुकड़े कर लो छोटे छोटे उस मे नींबू निचोड़ दो थोड़ा सा काला नमक मिला लो और इसको धूप मे सूखा लो ! सुखाने के बाद जब इसका पूरा पानी खतम हो जाए तो इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लो ! जब भी दिल करे गुटका खाना है तंबाकू खाना है बीड़ी सिगरेट पीनी है ! तो आप एक अदरक का टुकड़ा निकालो मुंह मे रखो और चूसना शुरू कर दो ! और यह अदरक ऐसे अदबुद चीज है आप इसे दाँत से काटो मत और सवेरे से शाम तक मुंह मे रखो तो शाम तक आपके मुंह मे सुरक्षित रहता है ! इसको चूसते रहो आपको गुटका खाने की तलब ही नहीं उठेगी ! तंबाकू सिगरेट लेने की इच्छा ही नहीं होगी शराब पीने का मन ही नहीं करेगा !
बहुत आसन है कोई मुश्किल काम नहीं है ! फिर से लिख देता हूँ !

अदरक के टुकड़े कर लो छोटे छोटे उस मे नींबू निचोड़ दो थोड़ा सा काला नमक मिला लो और इसको धूप मे सूखा लो ! सुखाने के बाद जब इसका पूरा पानी खतम हो जाए तो इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लो ! डिब्बी मे रखो पुड़िया बना के रखो जब तलब उठे तो चूसो और चूसो !
जैसे ही इसका रस लाड़ मे घुलना शुरू हो जाएगा आप देखना इसका चमत्कारी असर होगा आपको फिर गुटका तंबाकू शराब बीड़ी सिगरेट आदि की इच्छा ही नहीं होगी ! सुबह से शाम तक चूसते रहो ! और 10 -15 -20दिन लगातार कर लिया ! तो हमेशा के लिए नशा आपका छूट जाएगा !

आप बोलेगे ये अदरक मैं ऐसे क्या चीज है !????

यह अदरक मे एक ऐसे चीज है जिसे हम रसायनशास्त्र (क्मिस्ट्री) मे कहते है सल्फर !
अदरक मे सल्फर बहुत अधिक मात्रा मे है ! और जब हम अदरक को चूसते है जो हमारी लार के साथ मिल कर अंदर जाने लगता है ! तो ये सल्फर जब खून मे मिलने लगता है ! तो यह अंदर ऐसे हारमोनस को सक्रिय कर देता है ! जो हमारे नशा करने की इच्छा को खत्म कर देता है !

और विज्ञान की जो रिसर्च है सारी दुनिया मे वो यह मानती है की कोई आदमी नशा तब करता है ! जब उसके शरीर मे सल्फर की कमी होती है ! तो उसको बार बार तलब लगती है बीड़ी सिगरेट तंबाकू आदि की ! तो सल्फर की मात्रा आप पूरी कर दो बाहर से ये तलब खत्म हो जाएगी ! इसका राजीव भाई ने हजारो लोगो पर परीक्षण किया और बहुत ही सुखद प्रणाम सामने आए है ! बिना किसी खर्चे के शराब छूट जाती है बीड़ी सिगरेट शराब गुटका आदि छूट जाता है ! तो आप इसका प्रयोग करे !

और इसका दूसरे उपयोग का तरीका पढे !

अदरक के रूप मे सल्फर भगवान ने बहुत अधिक मात्रा मे दिया है ! और सस्ता है! इसी सल्फर को आप होमिओपेथी की दुकान से भी प्राप्त कर सकते हैं ! आप कोई भी होमिओपेथी की दुकान मे चले जाओ और विक्रेता को बोलो मुझे सल्फर नाम की दावा देदो ! वो देदेगा आपको शीशी मे भरी हुई दावा देदेगा ! और सल्फर नाम की दावा होमिओपेथी मे पानी के रूप मे आती है प्रवाही के रूप मे आती है जिसको हम Dilution कहते है अँग्रेजी मे !

तो यह पानी जैसे आएगी देखने मे ऐसे ही लगेगा जैसे यह पानी है ! मिली लीटर दवा की शीशी रूपये आती है ! और उस दवा का एक बूंद जीभ पर दाल लो सवेरे सवेरे खाली पेट ! फिर अगले दिन और एक बूंद डाल लो ! 3खुराक लेते ही 50 से 60 % लोग की दारू छूट जाती है ! और जो ज्यादा पियाकड़ है !जिनकी सुबह दारू से शुरू होती है और शाम दारू पर खतम होती है ! वो लोग हफ्ते मे दो दो बार लेते रहे तो एक दो महीने तक करे बड़े बड़े पियकरों की दारू छूट जाएगी !राजीव भाई ने ऐसे ऐसे पियकारों की दारू छुड़ाई है ! जो सुबह से पीना शुरू करते थे और रात तक पीते रहते थे ! उनकी भी दारू छूट गई बस इतना ही है दो तीन महीने का समय लगा !

तो ये सल्फर अदरक मे भी है ! होमिओपेथी की दुकान मे भी उपलब्ध है ! आप आसानी से खरीद सकते है !लेकिन जब आप होमिओपेथी की दुकान पर खरीदने जाओगे तो वो आपको पुछेगा कितनी ताकत की दवा दूँ ??!

मतलब कितनी Potency की दवा दूँ ! तो आप उसको कहे 200 potency की दवा देदो ! आप सल्फर 200 कह कर भी मांग सकते है ! लेकिन जो बहुत ही पियकर है उनके लिए आप 1000 Potency की दवा ले !आप 200 मिली लीटर का बोतल खरीद लो एक 150 से रुपए मे मिलेगी ! आप उससे 10000 लोगो की शराब छुड़वा सकते हैं ! मात्र एक बोतल से ! लेकिन साथ मे आप मन को मजबूत बनाने के लिए रोज सुबह बायीं नाक से सांस ले ! और अपनी इच्छा शक्ति मजबूत करे !!!


अब एक खास बात !

बहुत ज्यादा चाय और काफी पीने वालों के शरीर मे arsenic तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप arsenic 200 का प्रयोग करे !

गुटका,तंबाकू,सिगरेट,बीड़ी पीने वालों के शरीर मे phosphorus तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप phosphorus 200 का प्रयोग करे !

और शराब पीने वाले मे सबसे ज्यादा sulphur तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप sulphur 200 का प्रयोग करे !!

सबसे पहले शुरुवात आप अदरक से ही करे !!

आपने पूरी पोस्ट पढ़ी बहुत बहुत धन्यवाद !
अमर शहीद राजीव दीक्षित जी की जय !


वन्देमातरम !

नीम के फायदे

नीम


नीम एक बहुत ही अच्छी वनस्पति है जो की भारतीय पर्यावरण के अनुकूल है और भारत में बहुतायत में पाया जाता है। इसका स्वाद तो कड़वा होता है लेकिन इसके फायदे तो अनेक और बहुत प्रभावशाली है।

१- नीम की छाल का लेप सभी प्रकार के चर्म रोगों और घावों के निवारण में सहायक है।

२- नीम की दातुन करने से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं।

३- नीम की पत्तियां चबाने से रक्त शोधन होता है और त्वचा विकार रहित और कांतिवान होती है। हां पत्तियां अवश्य कड़वी होती हैंलेकिन कुछ पाने के लिये कुछ तो खोना पड़ता है मसलन स्वाद।

४- नीम की पत्तियों को पानी में उबाल उस पानी से नहाने से चर्म विकार दूर होते हैंऔर ये खासतौर से चेचक के उपचार में सहायक है और उसके विषाणु को फैलने न देने में सहायक है।

५- नींबोली (नीम का छोटा सा फल) और उसकी पत्तियों से निकाले गये तेल से मालिश की जाये तो शरीर के लिये अच्छा रहता है।

६- नीम के द्वारा बनाया गया लेप बालो में लगाने से बाल स्वस्थ रहते हैं और कम झड़ते हैं।

७- नीम की पत्तियों के रस को आंखों में डालने से आंख आने की बीमारी (नेत्रशोथ या कंजेक्टिवाइटिस

८- नीम की पत्तियों के रस और शहद को २:१ के अनुपात में पीने से पीलिया में फायदा होता हैऔर इसको कान में डालने से कान के विकारों में भी फायदा होता है।

९- नीम के तेल की ५-१० बूंदों को सोते समय दूध में डालकर पीने से ज़्यादा पसीना आने और जलन होने सम्बन्धी विकारों में बहुत फायदा होता है।

१०- नीम के बीजों के चूर्ण को खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लेने से बवासीर में काफ़ी फ़ायदा होता है

गले में खराश के घरेलू नुस्खे

गले में खराश



सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम व गले में खराश होना एक आम बात है। सर्दी-जुकाम होने से पहले आपके गले में दर्द व खराश जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। लंबे समय तक गले में खराश होना काफी तकलीफदेह हो जाता है साथ ही यह आपके गले को भी जाम कर देता है। गले मे होने वाली खराश अन्य बीमारियों की तरह लंबे समय तक नही रहती लेकिन कुछ ही दिनों में यह आपको पूरी तरह से प्रभावित कर बीमार कर देती हैं।

क्या है गले की खराश

गले में खराश एक बहुत ही सामान्य श्वसन समस्या है। यह मूल रूप से तब होती है जब गले की नाजुक अंदरूनी परत वायरस/ बैक्टीरिया से संक्रमित होती हैजिसके परिणामस्वरूप सूजनस्राव खांसी और शरीर के सामान्य संक्रमण के प्रभाव के लक्षण होते हैं। कभी-कभी लंबे समय तक गले में रहने वाली खराश किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और पूरी चिकित्सा लें।

आमतौर पर गले की खराश का कारण वायरल होता है और यह कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है लेकिन यह जितने दिन रहता है काफी कष्ट देता है। जानिए गले की खराश को दूर करने के लिए कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में-

हर घंटे गर्म पानी में नमक डालकार गरारा करें क्योंकि गर्म पानी और नमक गले में ठंडक देते हेंएंटीसेप्टिक होने के नाते यह संक्रमण को कम करने में मदद करता है।

रात को सोते समय दूध और आधा पानी मिलाकर पिएं।

रूखा भोजनसुपारीखटाईमछलीउड़द इन चीजों से परहेज करें।

कप पानी में 4-5 कालीमिर्च एवं तुलसी की पत्तियों को उबालकर काढ़ा बना लें और इसे धीरे-धीरे चुसकी लेकर पिएं।

ज्यादा तैलीय व मैदे से बनी चीजों का सेवन करने से बचें।

गले में खराश होने पर जब भी प्यास लगें तो गुनगुना पानी ही पिएं।

कालीमिर्च को बादाम के साथ पीसकर सेवन करने से गले के रोग दूर हो सकते हैं।

शरीर में टॉक्सिन की मौजूदगी गले की खराश को और बढ़ा देती हैइसलिए ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करेंताकि टॉक्सिन शरीर से बाहर निकल सकें।

अदरक की चाय भी गले की खराश में बहुत लाभदायक है।

दो-तीन लौंग के साथ एक-दो लहसुन की कलियों को पीस कर पेस्ट बना लें इसमें थोड़ा सा शहद मिला लें। इस मिश्रण को दिन में दो या तीन बार लें।


दूध में थोड़ी सी हल्दी डालकर इसे उबाल लें और बिस्तर पर जाने से पहले इसे पीएं। हल्दी में एंटीस्पेटिक होने की वजह से यह गले में आराम पहुंचाएंगा।