Friday, May 16, 2014

जानिए किस माह में जन्मे जातक कैसे होते है: Which month Baby Are You?

क्या आपका बर्थ डे जनवरी में है?
जनवरी में जन्में युवा प्रखर होते हैं
 आपका जन्म किसी भी साल के जनवरी माह में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है आप बेहद आकर्षक और प्रोफेशनल हैं। भाग्य का चमकीला सितारा हमेशा आपके साथ चलता है। आप अपने गम कभी किसी को नहीं बताते यही वजह है कि दुनिया एक खुशमिजाज व्यक्तित्व के रूप में आपको जानती है।
आप मेहनत में नहीं बल्कि 'कड़ी' मेहनत में विश्वास रखते हैं। काम और करियर को लेकर आपमें एक तरह की दीवानगी पाई जाती है। आप बेहद संस्कारी और आदर्श बच्चे के रूप में समाज पर अपनी छाप छोड़ते हैं। आपको नहीं पता होगा लेकिन कई लोगों के लिए आप प्रेरणास्त्रोत होते हैं। एक बेहद साफ-सुथरी और गरिमामयी छवि वाले जनवरी के जातक अपने हर काम पर खुद ही बारीक नजर रखते हैं। वाणी की देवी आप पर विशेष प्रसन्न होती है।
बातों के आप जादूगर होते हैं। आपको सबको साथ लेकर चलने में खुशी मिलती है। बिखराव आपको पसंद नहीं है। मन आपका काँच की तरह स्वच्छ होता है। आपमें इंसान को पहचानने की विलक्षण शक्ति होती है। बावजूद इसके आप अपने आसपास के लोगों से ही धोखा खा जाते हैं।
अगर आपको किसी से काम निकलवाना है तो उसकी कमियों के प्रति जानबूझ कर आँखे बंद किए रहते हैं। जैसे ही आपका काम निकला आप अगले को कुशलता से किनारे पर भी लगा देते हैं। आप पर कोई हावी नहीं हो सकता क्योंकि आपकी पर्सनेलिटी ही इतनी प्रखर और प्रभावशाली होती है कि सामने वाला अपनी बात को कहने से पहले दो बार सोचने पर बाध्य हो जाता है।
कुछ जनवरी में जन्मे युवाओं में यह कमी पाई जाती है कि पूरी बात सुनने से पहले ही रिएक्ट कर देते हैं। कुछ बंदे कान के कच्चे भी होते हैं। आप यूँ तो दोस्तों में कूल और डिसेंट बंदे के रूप में जाने जाते हैं, मगर अगर सबकुछ आपके अनुसार ना हो तो आपका टेंपरामेंट सीमाएँ तोड़ने में देर नहीं करता। हर काम आपको समय पर चाहिए लेकिन खुद आप दूसरों के समय की उतनी कद्र नहीं कर पाते हैं।
दिल से आप मासूम होते हैं किसी के प्रति कड़वाहट नहीं पालते लेकिन अगर प्रतिस्पर्धा पर उतर आए तो सामने वाले को पछाड़ कर ही दम लेते हैं। लाइफ के प्रति आपका नजरिया बेहद स्पष्ट होता है। आपको कब, कितना और कैसे चाहिए यह दिमाग में एकदम क्लियर होता है। आप परिस्थितियों के अनुसार मोल्ड हो जाते हैं। अगर कोई व्यक्ति आपके जीवन में विशेष महत्व रखता है तो उसे सहारा देने में आपका इगो आड़े नहीं आता। धर्मालु इस कदर होते हैं कि कभी-कभी धर्मांध होने की हद तक पहुँच जाते हैं।
प्यार के मामले में इनके जैसा कमिटेड बंदा मिलना मुश्किल है। हल्के-फुल्के अफेयर जितने चाहे हो सकते हैं लेकिन जिसे एक बार दिल में बसा लिया, तो बस बसा लिया। कुछ किशोर थोड़े कन्फ्यूज्ड पाए जाते हैं ‍और हर किसी से प्यार का वादा कर बैठते हैं, बाद में मैच्योरिटी आने पर बेहद स्मार्टली किसी एक के पल्लू से बँध जाते हैं। अक्सर गलत फैसले लेते हैं ले‍किन यह तय है कि समाज इनके गलत फैसले भूल जाता है।
जनवरी में जन्में युवा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, आर्मी, चार्टेड अकांउटेंट, लेक्चररशिप या फिर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में जाते हैं। इनकी नेतृत्व क्षमता की दुनिया कायल होती है।
इस माह में जन्मी लड़कियाँ बेहद रोमांटिक और स्मार्ट होती है। मासूम होने का ढोंग करती हैं पर होती नहीं है। कॉलेज कैंपस में इनके अफेयर्स चटखारे लेकर सुने जा सकते हैं। ऐसा नहीं है कि हर किसी से इनका नाम जुड़ता है मगर जिससे जुड़ता है वह बहुत जल्दी गलियारों में आ जाता है। ये अपना प्यार छुपाकर नहीं रख सकतीं। इनके रोमांटिक स्वभाव के कारण पार्टनर इनके दीवाने होते हैं। लड़कों को बस में रखने की अदभुत कला जानती है।
जनवरी वाले हर युवा को सलाह है कि थोड़े से स्वार्थी स्वभाव पर कंट्रोल करें। कभी-कभी दूसरों के नजरिये से भी दुनिया देखें। दोस्तों को बेवकूफ समझने की प्रवृत्ति का त्याग करें। किसी का भरोसा ना तोड़ें। भाग्य का सितारा हमेशा आपके साथ है उसे सही वक्त पर पहचानें। हैप्पी बर्थ डे!
लकी नंबर : 5, 3, 1
लकी कलर : डार्क ब्ल्यू, रेड और लाइट येलो
लकी डे :थर्सडे, फ्राइडे, संडे
लकी स्टोन : गोमेद और ब्लू टोपाज
सुझाव : किसी गरीब लड़की की शिक्षा का खर्च उठाएँ। सरस्वती की आराधना करें।
क्या आपका बर्थ डे फरवरी में है?
फरवरी में जन्में युवा भावुक होते हैं
आपका जन्म किसी भी साल के फरवरी माह में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है आपमें गजब की आकर्षण शक्ति है। आपमें दो और अदभुत शक्तियाँ हैं एक अन्तर्बोध क्षमता यानी इंट्यूशन पावर और दूसरी ग्रहण करने की क्षमता। जिसे अंगरेजी में ग्रॉस्पिंग पावर कहा जाता है। आपमें एक अजब तरह की विचित्रता भी पाई जाती है।
जब खुश होते हैं तो खूब खुश होते हैं इतने कि खुशी आपसे संभाले नहीं संभलती और जब दुखी होते हैं तो खूब दुखी। अपने आसपास आप एक रहस्य बनाकर चलते हैं। आपको समझ पाना बहुत मुश्किल तो नहीं लेकिन इतना आसान भी नहीं। कब किस बात पर तुनक जाए कोई नहीं जानता। आपके दोस्तों की संख्या ढेर सारी होती है। हर उम्र के, हर वर्ग के दोस्त आपके ग्रुप में मिल जाएँगे मगर उनसे कितनी पटरी बैठेगी इस पर कुछ भी कहना बेकार है। कभी भी किसी से भी रूठ जाते हैं। इस यूँ समझें कि मन से सरल, स्वभाव से कठिन आपकी सिंपल डेफिनेशन है।
भावुकता आपके करियर की रूकावट है। इस पर विजय हासिल करना बहुत जरूरी है। अक्सर बैठे-बैठाए धोखा खा जाते हैं क्योंकि हर किसी पर विश्वास कर लेना आपकी कमजोरी है। दुनिया में दोनों हाथों से लूटाने के लिए आप पैदा हुए हैं। बचत करना आपको आता ही नहीं है। फरवरी वाले कुछ 'वीर' तो इतने मासूम होते हैं कि थोड़ी-सी भी बचत करेंगे तो सारी दुनिया में हल्ला मचा देंगे।
आप भाग्य से ज्यादा कर्म से आगे बढ़ते हैं। आपका स्वभाव रोमांटिक तो होना ही है आखिर 'वेलेंटाइन डे' वाले माह में जो जन्मे हैं। लड़कियाँ आपकी राहों में आहें भरती है और साहब आप इस बात पर आप जी भर कर इतराते हैं। लेकिन मजाल है कि अपनी मर्यादा और इज्जत पर आँच भी आने पाए। आपका प्यार बेहद गहरा और पवित्र होता है। छल-कपट से कोसों दूर।
बाहरी ब्यूटी आपको उतनी आकर्षि‍त नहीं करती जितना कोई मासूम सीधा-सच्चा दिल। प्यार में छिछोरापन आपको कतई बर्दाश्त नहीं। आप अक्सर प्यार में दोस्ती और दोस्ती में प्यार तलाशते नजर आते हैं। और इसी कन्फ्यूजन में दोनों को पहचान नहीं पाते हैं। माना कि आपका इंट्यूशन पावर गजब का है मगर बस यहीं आपका इंट्यूशन और कम्युनिकेशन फेल हो जाता है।
अपने दिल की बात सबसे कह देंगे मगर जिससे कहना है उससे कभी खुलकर कह नहीं पाते हैं। आपको अपने साथी से अक्सर एक ही शिकायत रहती है कि प्यार में आप जिस गहराई को चाहते हैं उसमें उतनी वह मिल नहीं पाती है।
आप बहुत छोटी-छोटी बातों को दिल से लगा लेते हैं। हर बात के तीन-चार अर्थ निकाल लेते हैं यही वजह है कि आप बेहद धीमी गति से प्रगति करते हैं। आपकी ईमानदारी और स्पष्ट व्यवहार की दुनिया तारीफ करती है। आप हमेशा दूसरों मदद के लिए तत्पर रहते हैं।
फरवरी वाले बंदे अक्सर डॉक्टर, लेखक, शिक्षक, चित्रकार, कंप्यूटर विशेषज्ञ या नेता होते हैं। इनसे अलग क्षेत्र में कामयाबी हासिल करने के लिए इन्हें खासा संघर्ष करना पड़ता है। भाग्य के मामले में थोड़े पिछड़े ही कहे जाएँगे। इन्हें इनकी योग्यता और प्रतिभा की तुलना में पद और पैसा दोनों अक्सर नहीं मिलता, या कहें कि देर से मिलता है। फरवरी माह में जन्में लोगों में एक विशेष तरह का लुभावना अंदाज होता है। वाकपटुता से महफिल को जीत लेते हैं।
फरवरी माह की लड़कियाँ दिखने में सामान्य मगर प्रखर बुद्धि वाली होती है। इनके व्यक्तित्व में एक तरह की चमक होती है लेकिन ये उससे अनजान होती है। जब तक कोई इनकी खूबी इन्हें बता ना दें इन्हें विश्वास नहीं होता। प्यार के मामले में अक्सर इनकी नैया भी हिचकोले खाती रहती है।
इनका ईगो इन्हें साथी के सामने झुकने से रोकता है यही वजह है कि 'ब्रेकअप' या फिर 'कोई अफेयर ही नहीं' इनके जीवन की नियति बन जाती है। मन इनका प्यार से लबरेज होता है बस इन्हें नजाकत से हैंडल करने की जरूरत है। फरवरी वाली अगर शादीशुदा हैं तो पति का बेइंतहा प्यार हासिल करती है। ये अगर थोड़ा-सा समय के साथ चलें तो बहारें जीवन में दौड़ी चली आएगी।
सभी फरवरी वालों को सलाह दी जाती है कि अपना व्यक्तित्व दृढ़ बनाएँ। अपने आत्मविश्वास को कभी कमजोर ना पड़ने दें। समय के साथ जरूरी परिवर्तन को स्वीकार करें। पुरानी विचारधारा को त्यागें तो आप जैसा सलोना इंसान कोई नहीं। हैप्पी बर्थ डे!
लकी नंबर : 4, 7, 9
लकी कलर : व्हाइट, बेबी पिंक, मेहरून
लकी डे : सेटरडे, थर्सडे
लकी स्टोन : एमरल्ड, एमेथिस्ट
सुझाव : पौधे और सूर्य को जल चढ़ाएँ।
क्या आपका बर्थ डे मार्च में है? 
मार्च में जन्मे युवा आकर्षक होते हैं
आपका जन्म किसी भी साल के मार्च महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप आकर्षक और मिलनसार होंगे। यात्राओं के शौकीन और खासे बड़े फ्रेंड सर्कल वाले होते हैं। आपमें इंट्यूशन पॉवर शार्प होती है। आप जितने नॉर्मल दिखाई देते हैं, विचारों से उससे कहीं अधिक एंबिशियस होते हैं।
मार्च में जन्में युवक-युवतियों क्वॉलिटी यह है कि ये लोग जिम्मेदारियों के पदों पर अपनी योग्यता दिखाकर सक्सेसफुल होते हैं। किसी भी सबजेक्ट पर बोलने या लिखने से पहले उसके बारे में पूरी इन्फॉरमेशन प्राप्त कर लेना चाहते हैं। आप लॉ एंड ऑर्डर का रिस्पेक्ट करने वाले होते हैं। कुछ लोग सेक्सी होते हैं, तो कुछ केयरलेस भी होते हैं।
इस माह जन्मे युवाओं को नशे से दूर ही रहना चाहिए। नशा आपका करियर बर्बाद कर सकता है। मार्च में जन्में युवा एक नंबर के गपोड़ी होते हैं। दूसरे शब्दों में अव्वल दर्जे के बातूनी और हँसोड़। महफिल में छा जाना इनकी खासियत होती है।
आप कभी-कभी ऐसा बदलाव भी अपनी लाइफ में कर देते हैं, जिससे आपके फ्रेंड्‍स और रिलेटिव भी आश्चर्यचकित हो जाते हैं। आप लोग डुएल स्टैंडर्ड वाले भी होते है। यानी आपका नेचर दो-तरफा हो सकता है। आप कभी-कभी डिसिजन लेने में हिचकिचाहट महसूस करते हैं। आपमें स्प्रिच्युएलिटी की तरफ भी झुकाव होता है। प्रै‍‍क्टिकल अप्रोच रखने से पैसा खूब कमाते हैं लेकिन सब गर्लफ्रैंड पर उड़ा भी देते हैं।
मार्च में जन्मी हसीनाएँ सजने-सँवरने की बेहद शौकीन होती है। एडवेंचर्स और रहस्यमयी चीजें आपको लुभाती है। आप पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि किसी के भ‍ी सिक्रेट को स्पाइसी बना कर इधर की उधर करने में आपको खूब मजा आता है। थोड़ा सा कंट्रोल अपनी चंचलता पर कीजिए और अपने गोल के प्रति फोकस कीजिए तो दुनिया आपके कदमों में होगी।
लकी नंबर : 3, 7, 9
लकी कलर : ग्रीन,येलो और पिंक
लकी डे : संडे, मंडे और सेटरडे
लकी स्टोन : एमथिस्ट
सुझाव : पानी में शहद मिलाकर सूर्य को चढ़ाएँ।
 क्या आपका बर्थ डे अप्रैल में है?
अप्रैल में जन्में युवा अजीब होते हैं
आपका जन्म किसी भी साल के अप्रैल महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप बेहद खूबसूरत, रौबीले, जिद्दी और हँसमुख होंगे। कलात्मक चीजों के कलेक्शन का शौक रखने वाले और एडवेंचर पसंद करने वाले होंगे। आपमें एक विशेष प्रकार का जुनून पाया जाता है। आप स्वभाव से अजीब किस्म के होते हैं।
जैसे- गुस्से पर आपका बिलकुल भी नियंत्रण नहीं रहता। अनाप-शनाप बोलते हैं और सामने वाले से यह उम्मीद रखते हैं कि वह आपको माफ कर दें। लेकिन साथ ही अगर रंग में हो तो हर महफिल में छा जाने की दक्षता रखते हैं। अप्रैल में जन्में युवाओं का सेंस ऑफ ह्यूमर भी गजब का होता है।
अप्रैल में जन्में युवक-युवतियों खास क्वॉलिटी यह है कि ये लोग अव्वल दर्जे के रोमांटिक होते हैं। उम्र के सोलहवे पड़ाव में आते ही इनके लव-अफेयर के अफसाने बनने लगते हैं। एक साथ चार-पाँच अफेयर को संभालने की इनमें खूबी होती है। ये लोग नाटकबाज तो इतने बड़े होते हैं कि अच्छा-अच्छा इनकी ग्रीप में आ जाए। चोरी पकड़ी जाने पर रोनी सूरत बना कर ऐसे मासूम बनेंगे कि पकड़ने वाले को दया आ जाए। वक्त आने पर रोना-पीटना तमाशा करना इनके बाँए हाथ का खेल है।
सेक्स के मामले में खासे लकी होते हैं। इन्हें अपोजिट सेक्स से भरपूर प्यार मिलता है। इनका खुद पर नियंत्रण थोड़ा कम ही होता है अत: मौका पड़ने पर सारी सीमाओं को लाँघने में इन्हें कोई संकोच नहीं होता।
इस माह जन्में युवा खेल, मीडिया, एडवर्टाइजिंग और पॉलिटिक्स में सफल रहते हैं। इनकी विशेषता ही कही जाएगी कि जमाने भर की मस्ती और शरारत करने के बाद या हर नैतिक-अनैतिक काम करने के बाद शादी के बाद ऐसे गंभीर और समर्पित होने का ढोंग करेंगे कि इनके पुराने किस्सों पर कोई विश्वास ही ना कर पाएँ। इनमें विलक्षण प्रतिभा पाई जाती है। जिस भी क्षेत्र में कदम रखते हैं सफलता के चरम पर पहुँचते हैं। मीडिया में छाए रहने में माहिर होते हैं, चाहे इस फील्ड से इनका कोई लेना-देना हो या ना हो।
अप्रैल में जन्मीं कन्याएँ अनाप-शनाप खर्च करने में नबंर वन होती हैं। कोई इन्हें इस बात के लिए टोक दे तो हत्थे से उखड़ जाती है। इनका काटा पानी भी ना माँगे, इनके गुस्से से जरा बचकर ही रहे। जुबान तीखी और मुस्कान मीठी होती है। अगर इन्हें सफलता पानी है तो थोड़ा-सा जुबान पर लगाम दें।
अपनी गलतियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ना बंद करें तो इनके तेज के सामने टिकने की किसी की हिम्मत नहीं। ये अपनी दुश्मन आप हैं लेकिन जमाने को अपना दुश्मन समझती हैं। इन्हें अपने रूप-रंग पर नाज होता है, इसलिए ज्यादातर अप्रैल में जन्मी हसीनाएँ घमंडी और नकचढ़ी होती है।
 लकी नंबर : 3, 7, 9
लकी कलर : ग्रीन,येलो और पिंक
लकी डे : संडे, मंडे और सेटरडे
लकी स्टोन : एमथिस्ट
सुझाव : पानी में शहद मिलाकर सूर्य को चढ़ाएँ।

क्या आपका बर्थ डे मई में है?
मई में जन्में युवा आकर्षक होते हैं
आपका जन्म किसी भी साल के मई महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप आकर्षक और लोकप्रिय होंगे। थोड़े से लापरवाह, थोड़े से सनकी। एक बार अगर कुछ ठान लें तो उसे पाकर ही रहते हैं। मई में जन्में जातक अव्वल दर्जे के घमंडी होते हैं लेकिन इनमें त्याग करने की प्रवृत्ति भी प्रबल होती है। स्वभाव से राजसी होते हैं।
दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि इन्हें हर चीज शाही अंदाज में चाहिए, लेकिन इसकी उम्मीद ये हमेशा दूसरों से रखते हैं। जैसे- अगर इन्हें घर साफ-सुथरा चाहिए तो ये घर के अन्य सदस्यों से अपेक्षा करते हैं कि वे यह काम करें। इनकी एक खासियत यह होती है कि भीड़ में इन्हें पहचानना आसान होता है, क्योंकि इनका आकर्षक व्यक्तित्व बरबस ही सबका ध्यान खींच लेता है।
घर में चाहे ये जितने अस्त-व्यस्त हों बाहर इनकी छवि सुव्यवस्थित मानी जाती है। इसका एक कारण यह है कि इनका ड्रेसिंग सेंस गजब का होता है। हमेशा खूबसूरत दिखना इन्हें लुभाता है। अपोजिट सेक्स के लिए हमेशा रहस्य का विषय होते हैं।
मई में जन्में युवक-युवतियों खास क्वॉलिटी यह है कि ये रोमांस के मामले में सिद्धांतवादी होते हैं। छिछोरी हरकतें इन्हें नहीं भाती। प्यार का उच्चतम आदर्श स्थापित करने की चाह होती है। कई मामलों में मई में जन्में युवा घोर परंपरावादी होते हैं। मई में जन्मीं लड़कियां अक्सर डॉमिनेटिंग पाई जाती है। जुबान की पक्की होती हैं। दोस्ती निभाने में इनका कोई जवाब नहीं। प्यार हो चाहे शादी, सेक्स इनके लिए गंभीर ‍विषय होता है, रस का नहीं। शादी से पूर्व सीमाएं लांघना इन्हें पसंद नहीं होगा।
इस माह जन्में युवा जर्नलिस्ट, लेखक, कंप्यूटर इंजीनियर, पायलट, डॉक्टर या सफल प्रशासनिक अधिकारी होते हैं। राजनीति में सफलता मुश्किल से मिलती है, लेकिन अगर मिल गई तो मरने के बाद तक यश दिलाती है। लड़कियां फैशन डिजाइनर भी हो सकती हैं। अभी बताया ना कि इनका ड्रेसिंग सेंस लाजवाब होता है।
मई में जन्मी महिलाएं सुपर ईगो से भी ग्रस्त होती है। ओवर सेंसेटिव और पल-पल में रूठने वाली। इनके भीतर प्यार का असीम सागर उमड़ रहा होता है जिसे सिर्फ इनके करीबी लोग ही जान पाते हैं। बाहर वालों के लिए ये कठोर ही प्रतीत होती है।
किसी के प्रति एक बार इनका विश्वास टूट जाए तो फिर दोबारा नहीं जुड़ सकता। इन्हें अगर सफलता पानी है और सबकी चहेती बनना है तो अपने सुपर ईगो को थोड़ा त्यागना होगा। एक्स्ट्रीम में डिवोशन भी इनकी बेड क्वॉलिटी ही कही जाएगी। अगर ये बेलैंस्ड बिहेवियर अपनाएं तो इनसे प्यारा कोई नहीं। अपना सबकुछ लूटा देने वाली आदत में भी सुधार लाएं।
मई में जन्में कुछ लोग अक्सर दूसरों के लिए इतना कुछ कर जाते हैं कि सामने वाला इनकी कद्र नहीं करता और इनकी इस नादानी का फायदा उठा कर चल देता है। इनके दुश्मनों की संख्या भी अधिक होती है। क्योंकि ये लोग दिल के साफ होते हैं अत: बिना यह सोचे कि सामने वाले को उनकी बा‍त का बुरा लग सकता है, अपनी बात कह जाते है। इन्हें अपनी-अपनी हांकने की आदत भी छोड़नी होगी। दूसरों को महत्व देना सीखें, आपका महत्व अपने आप बढ़ जाएगा।
लकी नंबर : 2 3 7 8
लकी कलर : व्हाइट, मरिन ब्लू, मेहंदिया
लकी डे : संडे, मंडे, सेटरडे
लकी स्टोन : ब्लू टोपा
सुझाव : प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाएं, शिव आराधना करें।


क्या आपका बर्थ डे जून में है?
जून में जन्में युवा जिद्दी होते हैं
आपका जन्म किसी भी साल के जून महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप एक नंबर के जिद्दी और जुनूनी होंगे। अपनी बात पर अड़े रहने वाले और सच के लिए मर-मिटने वाले। जून में जन्में जातक कई बार जिद और रूखे स्वभाव के कारण अपना ही नुकसान कर बैठते हैं। बाद में पछताते हैं पर जताते नहीं।
इनमें शासन करने की प्रवृत्ति इतनी प्रबल होती है कि हर किसी को अपना गुलाम समझने की भूल कर बैठते हैं। ये किसी के अ‍धीन तो रह ही नहीं सकते, जब भी कोई नौकरी करेंगे तो बॉस बन कर ही कर पाएंगे।
अगर किसी के अधीन इन्हें काम करना भी पड़े तो अपने बॉस से तब तक ही इनकी बनेगी, जब तक वह इनका कहना माने वरना अनबन होते देर नहीं लगेगी। लड़ाई-झगड़े से ये लोग पीछे नहीं हटते। यहां तक कि गुस्से में इनका खुद पर कंट्रोल नहीं रहता और बिना यह सोचे कि इनके सामने कौन खड़ा है अनाप-शनाप बोल जाते हैं।
इनके जैसा डिप्लोमेटिक इंसान दूसरा नहीं। अपना मतलब हो तो इनके मीठे स्वभाव का कहना ही क्या? जहां काम निकला तो उपकार को भूलने में देर नहीं करते। दिमाग के इतने शार्प और शातिर होते हैं कि जो काम इन्हें नहीं सुहाता दूसरों से बड़ी खूबी से निकलवा लेते हैं। इनके भीतर कई तरह के आर्ट छुपे होते हैं। व्यंजन बनाने और सबको खिलाने का इन्हें विशेष शौक होता है। मन से ये बड़े विचित्र होते हैं।
मूड में हो तो दुनिया लूटा दे और अगर वसूलने पर आ जाए तो सामने वाले के खून का अंतिम कतरा भी निकाल सकते हैं। रोमांस इनके लिए चोरी-छुपे की चीज है। सार्वजनिक रूप से इन्हें रोमांस का विरोधी भी पाया जा सकता है। मगर ऐसा है नहीं, मौका मिले, तो चौका मारने में उस्ताद हैं जून के बंदे। अपने पार्टनर के लिए दुनिया-जहान से भिड़ सकते हैं। वैसे पार्टनर के लिए भी ये उलझन ही होते हैं।
इस माह जन्मे युवा कुशल अधिकारी, पेंटर, काउंसलर, मैनेजर, टीचर या डॉक्टर होते हैं। राजनीति के लिए अगर इनके सितारे थोड़े भी सहयोग करें तो सब पर छा जाने की ताकत रखते हैं। इन्हें अपनी लाइफ में नेम-फेम-मनी सब भरपूर मिलता है। इन्हें सेल्फ मेड पर्सन कहना गलत नहीं होगा। इनके भीतर अपने संघर्षों को लेकर इतना गुस्सा रहता है कि जिन्हें ये दोषी मानते हैं उन्हें कभी माफ नहीं करते।
इनका करिश्मा ही है कि अपनी कमियों का यह दूसरों को अहसास तक नहीं होने देते और खूबियों को इस स्टाइल से रखते हैं कि सामने वाला इनका कायल हो जाता है। इनकी सबसे बड़ी कमी यही है कि दूसरों के लिए जो वर्जित मानते हैं खुद के लिए वह स्वीकार कर लेते हैं। यानी जब कोई बात खुद पर आए तो नियम में आवश्यकता के अनुसार फेरबदल कर लेते हैं। जून में जन्में युवाओं को दिखावे और नकलीपन से दूर रहना चाहिए।
जून में जन्मी महिलाएं दिल की भोली दिखती है, पर वास्तव में होती नहीं। यह अपनी पूरी लाइफ दिमाग से जीतीं है दिल से नहीं। कई मामलों में यह लग सकता है कि इनमें दिल है भी या नहीं। किसी को सजा देना हो इनसे बढ़कर कोई क्रूर नहीं।
अक्सर पूर्वाग्रहों से ग्रस्त रहती हैं। इन्हें लगता हैं हर कोई इन्हें नजर लगा रहा है। हर कोई इन्हीं से जलता है। यही कारण है कि बिना सोचे-समझे किसी के भी विषय में राय कायम कर लेती हैं, और वैसे ही पेश आती है। इन्हें मूर्ख बनाना बड़ा आसान है बावजूद इसके कि ये दिमाग से जीवन जीती हैं।
अपोजिट सेक्स को पहचानने में गलती कर बैठतीं हैं, और धोखा खाने पर पछताती है (जताती फिर भी नहीं)। इन्हें सुझाव है कि थोड़ी-सी सरल, थोड़ी-सी नरम हो जाए। लाइफ के प्रति अपना एटिट्यूड बदलें। नेगेटिव थिंकिग से बचें। कुढ़ना-चिढ़चिढ़ाना थोड़ा कम करें। सोच-समझ कर बोलना चाहिए। इनमें सबसे प्यारी बात यह होती है कि बचत का महत्व जानती है, सामने वाला इन्हें कंजूस समझें तो समझता रहे, ये परवाह नहीं करती।
लकी नंबर : 4 , 6, 9
लकी कलर : ऑरेंज, मेजेंटा और येलो
लकी डे : ट्यूसडे, सेटरडे, फ्राइडे,
लकी स्टोन : इन्हें कुंडली दिखाकर ही रत्न पहनना चाहिए। वैसे माह के अनुसार रूबी हो सकता है।
सुझाव : शुक्रवार के दिन गरीब बच्चों को बुक्स दान करना चाहिए।
क्या आपका बर्थ डे जुलाई में है?
 जुलाई में जन्मे युवा एक्स्ट्रा ऑर्डनरी होते हैं
आपका जन्म किसी भी साल के जुलाई महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आपको समझना टेढ़ी खीर है। आप अत्यंत रहस्यवादी और मूडी हैं। आप कब यकायक खुश हो जाते हैं और कब आपका दिमाग सातवें आसमान पर पहुंच जाता है, आपको खुद भी नहीं पता होता।
हां, एक बात जो आपमें सबसे स्पेशल है वह यह कि आप दिल के अतिशय कोमल है। आपकी खासियत है कि अपनी लाइफ को लेकर आपके फंडे बेहद क्लियर होते हैं। कब, कितना, कहां और कैसा बोलना है यह कोई आपसे सीखें। आपकी प्रबंधन क्षमता कमाल की होती है।
आप अपने घर के कुलदीपक होते हैं। आपमें प्रतिभा कूट-कूट कर भरी होती है लेकिन आपका बिना मतलब का आलस आपकी राह का रोड़ा है।
इसे यूं कहें कि आपका मूड हर वक्त अपनी प्रगति के लिए नहीं बनता, जब बनता है तो आप परचम लहरा देते हैं। बुरा मत मानिएगा लेकिन थोड़े से आप डिप्लोमैटिक भी है।
जिससे आपको काम निकलवाना होगा उसे अपना मुरीद बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। और जिससे आपका कोई मतलब नहीं निकलता उससे बिना बात के पंगे लेने में भी आपका विश्वास नहीं। सामान्य तौर पर आप बड़े कूल दिखाई पड़ते हैं लेकिन जब हॉट होते हैं तो गर्म तवे की तरह। लेकिन यह क्या, मात्र आधे घंटे में आप ऐसे हो जाते हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं। आपका गुस्सा ज्यादा देर तक रह ही नहीं सकता।
अगर किसी संस्था के प्रमुख है तो आपको अधीनस्थ आपके गुस्से के बावजूद आपको लाइक करेंगे। घर में भी आप सबसे लाड़ले और थोड़े से सिर-चढ़े प्राणी हैं। जुलाई माह वाले अक्सर खिलाड़ी या बिजनैसमैन होते हैं। इन्हें शेयर मार्केटिंग की बेहतर समझ होती है। गणित इनका चाहे कमजोर हो रिश्तों के गणित बड़ी खूबी से सुलझा लेते हैं। पैसे की कभी परवाह नहीं करते और इनकी जेब कभी खाली नहीं रहती। घर शानदार रखते हैं। 
प्यार के मामले में इन-सा गहरा और समर्पित इंसान मिलना मुश्किल है। अव्वल तो इन्हें आसानी से किसी से प्यार-व्यार होता नहीं। बड़ी मुश्किल से ये किसी से प्रभावित होते हैं और जब होते हैं तो उसका दामन आसानी से नहीं छोड़ते। इनका खुद का व्यक्तित्व इतना आकर्षक होता है कि इन्हें किसी को लुभाने के लिए अतिरिक्त मेहनत नहीं करनी पड़ती।
लेकिन ये जल्दबाजी के शिकार नहीं होते। प्यार की राह में हर कदम सोच-समझ कर उठाते हैं। अगर भूल से गलत कदम उठा भी लें तो तुरंत संभल जाते हैं। साथी अगर गलत है तो इनकी निगाह से छुप नहीं सकता। ये सच्चे इंसान को परखने की ताकत रखते हैं।
जुलाई माह की वुमन समाज के कल्याण के लिए जन्मी होती है। संघर्षों के बावजूद इनके होंठों पर मुस्कान थिरकती रहती है। इनमें भी प्रतिभा भरपूर होती है लेकिन सही समय पर सही अवसर नहीं मिल पाने से निराश रहती है। लेकिन इन्हें जीवन में हमेशा सबसे आगे रहने की प्रबल चाह होती है यही वजह है कि ये प्रगति करती हैं।
प्यार के मामले में भाग्य साथ नहीं देता मगर वैसे ये सबकी चहेती होती हैं। अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण दुख बहुत पाती है मगर दिल की प्यारी होने के कारण दुख भूल भी जाती है।
लकी नंबर : 4, 2, 9
लकी कलर : ऑरेंज, येलो और ब्लू
लकी डे : मंडे, सेटरडे, फ्राइडे
लकी स्टोन : वैसे डायमंड चांदी में पहना जा सकता है लेकिन एस्ट्रो सलाह जरूरी है।
सुझाव : गरीबों को रविवार के दिन संतरे वितरित करें। काले कुत्ते को रोटी खिलाएं।
क्या आपका बर्थ डे अगस्त में है?
अगस्त में जन्मे युवा कंजूस होते हैं
आपका जन्म किसी भी साल के अगस्त महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप एक नंबर के कंजूस हैं। आप अत्यंत टेलेंटेड और मनी माइंडेड हैं। आप जितने सज्जन दिखाई पड़ते हैं माफ कीजिएगा, उतने हैं नहीं। आप साम, दाम दंड भेद की नीति को मानने वालों में से है।
लोगों का भला भी खूब करते हैं लेकिन मन ही मन उनसे रिटर्न की उम्मीद भी लगाए रखते हैं। ज्यादा दोस्त, सहेली बनाने में विश्वास नहीं रखते।
अगर तब भी आपके कुछ दोस्त हैं तो मान कर चलिए कि वह उनकी दयालुता है। इसमें आपका कोई योगदान नहीं। यानी अपनी और से आप कभी दोस्ती नहीं निभा पाते हैं।
आपकी प्रतिभा का जवाब नहीं। कला, साहित्य और विभिन्न रचनात्मक विधाओं में आप अपनी विशिष्ट पहचान बनाते हैं। आपके भीतर सौन्दर्य बोध कमाल का है।
आप अपनी मर्जी के मालिक हैं। जिद या कहें बेकार की जिद आपको आगे बढ़ने से रोकती है। कई बार आप खुद अपनी अच्छी भली तैरती नाव को डुबो लेते हैं और फिर शहीद होने का ढोंग करते हैं।

जुबान के बेहद कड़वे हैं आप, लोग आपकी पर्सनेलिटी से प्रभावित होकर आते हैं और आपको सुनकर कतरा कर निकल जाते हैं। आप खूबसूरत है इसमें कोई दो मत नहीं। लेकिन इस खूबसूरती के साथ मन की खूबसूरती लगभग लापता है। आपको घमंडी कहना गलत नहीं होगा।
पैसों के सामने रिश्ते-नाते-दोस्ती-प्यार सब आपके लिए बकवास है। कौड़ी-कौड़‍ी का हिसाब रखते हैं। खासकर कभी किसी मौके पर आपको अपनी जेब से देना पड़ जाए तो सूरत उतर जाती है आपकी। आप अक्सर अच्छे बिजनेसमैन, इंजीनियर, टीचर या फिर कलाकार होते हैं।
प्यार के मामले में बुद्धू और बिगड़ैल होते हैं। हालांकि आप अपने आपको काफी स्मार्ट समझते हैं। लाइफ को लेकर आपमें एक खास किस्म की लापरवाही पाई जाती है।
आपको लगता है जीवन किसी के भी साथ गुजारा जा सकता है अगर वह आपके शासन में रहने को तैयार हो।
इसलिए अगस्त में जन्मे खूबसूरत युवा के पार्टनर अक्सर डल और एकदम साधारण होते हैं। यहां तक कि लोगों को आप पर कौतुक हो सकता है कि क्या सोचकर रब ने यह जोड़ी बना दी।
यहां हमारा डिप्लोमैटिक होने का कोई इरादा नहीं मगर अगस्त में जन्मे कुछ ऐसे अपवाद भी हैं जिनकी जोड़ी माशाअल्लाह है। मेड फॉर इच अदर। जबर्दस्त प्यार करने वाले, लेकिन सौ में से कोई एक ही ऐसा बिरला मिलेगा बाकी तो बेमेल जोड़‍ियों के किस्से ज्यादा नजर आते हैं।
लड़कियां एक नंबर की फ्लर्ट लेकिन लगती है जमाने भर की मासूम। इतनी सफाई से मुर्गे 'आई मीन' लड़के फंसाती है कि बेचारा हलाल होने तक इसी भ्रम में रहता है कि उसके जैसा भाग्यशाली कोई नहीं।
इनकी खासियत यह होती है कि यह ऊपर से अबोध होने का स्वांग बखूबी रच लेती है और दुनिया को भी कानों-कान खबर नहीं होती। सौ चूहे खाकर....! इसमें बुरा मानने वाली कोई बात नहीं है।
आपकी खूबसूरती है ही ऐसी कि बंदा गश खाकर गिर जाए। लेकिन शादी के मामले में अक्सर बेवकूफी का परिचय देती हैं। किसी भी लल्लू के साथ बंधकर सबको चौंका देती है। आपको सलाह है कि अपना टैलेंट बर्बाद ना करें। इतनी कलात्मकता हर किस‍ी के नसीब में नहीं होती। बहरहाल, हैप्पी बर्थ डे!
लकी नंबर : 2 , 5, 9।
लकी कलर : स्लेटी, गोल्डन और रेड।
लकी डे : संडे, फ्राइडे और वेन्सडे।
लकी स्टोन : मून स्टोन।
सुझाव : शिव मंदिर में दूध और मिश्री चढ़ाएं।

क्या आपका बर्थ डे सितंबर में है?
तानाशाह होते हैं सितंबर में जन्मे युवा
आपका जन्म किसी भी साल के सितंबर महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप दिल के अत्यंत उदार है लेकिन एक अजीब तरह की सनक आपमें पाई जाती है। अपने आपसे आपको इतनी मोहब्बत होती है कि कोई थोड़ा-सा भी आपके विरूद्ध कुछ कह दें तो आप भड़क उठते हैं। आपमें सीखने और समझने की क्षमता अन्य की तुलना से अधिक होती है। खुद को कैसे निरंतर आगे बढ़ाया जाए यह कोई आपसे सीखें।
स्वयं की प्रगति के लिए आप थोड़े से स्वार्थी भी हो जाते हैं। आपके सबसे खास मित्र को भी कभी नहीं पता चल पाता है कि आपके अंदर क्या खिचड़ी पक रही है। यकायक कोई उपलब्धि सामने लाकर आप सबको चौंका देते हैं।
गुस्से के तो आप बादशाह है लेकिन हमेशा इसी गलतफहमी में रहते हैं कि आपके जैसा विनम्र कोई दूसरा नहीं होगा। तानाशाही आपके रग-रग में समाई है। दूसरों से काम करवाना हो तो जोंक की तरह पीछे लगना भी आपसे ही सीखना चाहिए। अपने नजदीकी लोगों से आपकी भारी-भरकम अपेक्षाएं होती है। यहां तक कि प्यार का इजहार करने में भी आपका अहंकार हावी रहता है। आप ऊर्जा से लबालब रहते हैं।
धुन के इतने पक्के कि अपने काम के लिए 24 घंटे आप भूखे-प्यासे रहकर काम कर सकते हैं लेकिन बुरी आदत यही है कि आप चाहते हैं आपकी इस आदत का लोग हरदम गुणगान करें। तारीफ के इतने भूखे होते हैं कि हर समय कोई आपको स्तुति गान करने वाला चाहिए। अक्सर चाटूकार आपकी इस कमजोरी का फायदा उठा ले जाते हैं। आप अपने आपको हर समय अप-टू-डेट रखते हैं। इसीलिए आपका हर काम अप-टू-द-मार्क होता है। किसी को कुछ देते हैं तो उसकी वसूली भी कर लेते हैं।
आपको जीवन में संघर्ष भी खूब करना पड़ता है। खासकर अगर आप करियर के मामले में बेहतरीन पोजिशन पर हैं तो हो सकता है प्यार के मामले में फिसड्डी हों, या फिर अगर प्यार आपके पास भरपूर है तो शादी का लड्डू आपकी थाली में नहीं होगा। कहने का मतलब यही कि जीवन के किसी एक क्षेत्र में आपको हमेशा खालीपन लग सकता है। आप असंतुष्ट प्राणी भी हैं।
हर समय आपको कुछ नया ना मिले तो आप कुंठित हो जाते हैं। सेक्स आपके जीवन में कई रूपों में आता है लेकिन आप बेचारे, पद-प्रतिष्ठा के मारे कभी उनका आनंद नहीं उठा पाते। आपमें अगर चिपकने की प्रवृत्ति थोड़ी-सी कम हो जाए तो आप एक शानदार इंसान के रूप में याद किए जाएंगे। अक्सर सितंबर माह में जन्मे लोग बेहतरीन सिंगर, राइटर, एडिटर या साइंटिस्ट होते हैं।
सितंबर माह की लड़कियां, उफ भगवान बचाएं इनसे। स्वयं को परम ज्ञानी समझने वाली ये कन्याएं अक्सर सच्चे प्यार से वंचित रह जाती है। इधर की उधर करने में उस्ताद हैं। कोई शक नहीं कि इनमें विलक्षण प्रतिभा होती है। कोई एक खास गुण भी होता है। लेकिन अभिमान के चलते यह उस गुण की सही कद्र नहीं कर पाती हैं।
अपार रूप-सौन्दर्य की मल्लिका होती है पर प्यार के मामले में अव्वल दर्जे की बेवकूफ होती हैं। अपना सबकुछ लूटाकर भी खुश रहती है। सच्चे प्यार को परख नहीं पाती और गलत व्यक्ति के साथ नैया डूबो लेती है। सितंबर माह में जन्मी कुछ लड़कियों का मन शीशे की तरह साफ होता है। दुनिया के छल-कपट से कोसों दूर ये मोहतरमाएं अन्याय के विरूद्ध शेरनी बन जाती है।
अगर इनका कहीं अफेयर चल रहा हो तो अपना किया-धरा सब भूल जाएंगी लेकिन अगले का पाई-पाई का हिसाब रखेंगी। अपने प्यार को लेकर पजेसीव भी होती हैं। जुबान कड़वी, अंदाज मीठा यही इनकी पहचान है। इन्हें सलाह है कि सच्चे दोस्त असली मोती की तरह होते हैं उन्हें सहेजना सीखें। मतलबपरस्ती से दोस्तों का कुछ दिन तक फायदा तो उठा लेंगी लेकिन संभव है एक दिन बिलकुल अकेली पड़ जाए।
लकी नंबर : 7, 9, 3
लकी कलर : ब्लैक, सी ग्रीन, गोल्डन
लकी डे : संडे, वेडनसडे, थर्सडे
लकी स्टोन : पन्ना और पर्ल
सुझाव : पंछियों को दाना डालें, मछलियों को घर में पालें।
क्या आपका बर्थ डे अक्टूबर में है? 
अक्टूबर में जन्मे युवा शांत और स्मार्ट होते हैं
आपका जन्म किसी भी साल के अक्टूबर महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप बेहद शांत किस्म के प्राणी हैं। दिखने में इतने स्मार्ट होते हैं कि लोगों को आपसे ईर्ष्या हो सकती है। आरंभिक अवस्था में आपका आकर्षण कुछ कम हो सकता है मगर जैस-जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है आपके सौन्दर्य और सेहत में सुधार आता जाएगा। विश्वास कीजिए कि यह सुधार इतना आता है कि आपको चाहने वालों की कतार बढ़ने लगती है।
आप अपने आसपास एक रहस्यमयी घेरा बनाकर रखते है। आपके दायरों को तोड़ना हर किसी के बस में नहीं है। हर किसी से आपकी दोस्ती हो भी नहीं सकती। आपका व्यक्तित्व राजसी होता है। हर चीज को नफासत से करना आपकी खूबी होती है। आपको अस्त-व्यस्त रहना पसंद नहीं है अगर अक्टूबर में जन्में होकर आप हाल-बेहाल रहते हैं तो आपको अपना इंट्रोस्पेक्शन (आत्मावलोकन) करना चाहिए। कहीं ऐसा तो नहीं कि अपने आपको आपने अब तक पहचाना नहीं।
खूबसूरत रहने और खूबसूरत दिखने में अंतर है। आप खूबसूरत ‍रहने वालों में से है भले ही आपके नाक-नक्श साधारण हो मगर कुछ ऐसी प्रबल आकर्षण शक्ति आपमें होती है कि खुद को अनूठे अंदाज में पेश कर आप सबका दिल जीत लेते हैं।
आपमें मुसीबतों से उबरने की ताकत भी लाजवाब होती है। घोर निराशा के दौर से भी आप बार-बार निकल आते हैं। किसी भी मुद्दे पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से आप बचते हैं। अपनी बात को समयानुसार नाप-तौल कर कहना आपकी पहचान है। शब्दों को बर्बाद नहीं करते पर शब्दों को सही वक्त पर सही ढंग से रखने में आपका जवाब नहीं।
अक्टूबर में जन्में कुछ युवा ‍रिश्तों की राजनीति में माहिर होते हैं। आपमें किसी बात को गहराई से समझ लेने की विशेष योग्यता होती है। दूसरे शब्दों में कहें तो आपकी शार्पनेस भी लोगों के लिए जलन का सबब होती है।
प्यार के मामले में आपका कोई सानी नहीं। अपने साथी को डूबकर और टूटकर चाहना कोई आपसे सीखे। अक्सर आपका प्यार सफल नहीं होता लेकिन आपके टूटे दिल की आवाज आपके घर के लोग भी नहीं सुन पाते हैं। प्यार में रोना-चीखना आपको पसंद नहीं। अगर आपका ब्रेकअप होता है तो बेहद शालीनता से आप खामोशी अख्तियार कर लेते हैं बजाय प्रतिपक्ष पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने के। सारी दुनिया भी आपके प्यार को पहचान ले तब भी आपकी जुबान पर सात ताले ही रहते हैं आपको सामने वाले के सम्मान का इतना ख्याल होता है कि नींद में भी आप उसका अहित नहीं सोच सकते।
आपके लिए टेक्नोलॉजी, राजनीति, कला, अभिनय, बिजनेस या मेडिकल जैसे क्षेत्र उपयुक्त होते हैं। यह बात भी मानना होगी कि आप अपने क्षेत्र में शिखर तक पहुँच कर ही दम लेते हैं। निरंतर श्रेष्ठता के सपने देखते हैं और उसे पूरा भी करते हैं।
अक्टूबर में जन्मी कन्याएँ गरिमामयी सौन्दर्य की मल्लिका होती हैं। इनकी आँखें इतनी गहरी और खूबसूरत होती है कि कोई भी इनमें डूबकर सब कुछ भूल जाए तो अचरज की बात नहीं। मन की थोड़ी-सी डिप्लोमैटिक होती हैं लेकिन दूसरों का नुकसान नहीं करती। प्यार के मामले में जितनी गहरी होती है उतनी ही नादान भी। गहरी इन मायनों में कि जिसे चाहती है दिलोजान से चाहती है। सामने वाले की कमियों को नजरअंदाज करके चाहती हैं। लेकिन अगर ब्रेकअप हो जाए तो जल्दी-जल्दी किसी से भी जुड़ने की नादानी कर बैठती है और जीवन भर का गम पाल लेती है। इनमें आत्मविश्वास गजब का होता है लेकिन मन से किसी ना किसी पर निर्भर बने रहना चाहती है।
इन्हें सलाह है कि थोड़ा संवाद बढ़ाएँ। सही और गलत दोस्तों को पहचानें। अपनी प्रतिभा का शोषण ना होने दें। स्वयं को खूबसूरत बनाकर रखें यह आपकी सबसे बड़ी ताकत है।
लकी नंबर : 2, 6, 7, 8
लकी कलर : चटक मेहरून, पिकॉक ग्रीन, रॉयल ब्लैक
लकी डे : ट्यूसडे, थर्सडे, फ्राइडे
लकी स्टोन : डायमंड
 क्या आपका बर्थ डे नवंबर में है?
नवंबर में जन्मे युवा दयालु होते हैं
आपका जन्म किसी भी साल के नवंबर महीने में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है कि आप इस दुनिया में सबकी भलाई करने के लिए जन्मे हैं। आप अत्यंत दयालु और परोपकारी हैं। सहनशक्ति के हिसाब से भी आप कमाल के बंदे हैं। जब तक आपका स्वाभिमान हर्ट ना हो जाए तब तक हर छोटी-बड़ी बात आप सिर से गुजर जाने देते हैं।
आप सबके बीच सामंजस्य बैठाने का काम बखूबी निभाते हैं। अक्सर दोस्तों के पैचअप करवाने की जिम्मेदारी आपकी होती है। यूं तो दुनिया आपको बड़े ही शांत और सौम्य रूप में जानती है लेकिन जिसने आपका गुस्सा देखा है वही जानता है कि आपके भीतर कितना तूफान भरा है। इसकी वजह से आप कम उम्र में ही ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी का शिकार हो सकते हैं।
आप दोस्तों के लिए कुछ करें या ना करें दोस्त आप पर जान लुटाने के लिए तैयार खड़े रहते हैं क्योंकि आपके भोलेपन के वे कायल होते हैं। आपकी तरक्की से जलने वालों के लिए चेतावनी है कि नवंबर वालों के दुश्मन सीधे मुंह की खाते हैं अत: सावधान। नवंबर माह में जन्में युवाओं में प्यार का अथाह सागर होता है। ‍जिसे प्यार करेंगे वह अगर ना मिल पाए तो भी उसे भूल नहीं पाएंगे। और जो अगर प्यार मिल जाए तो उसकी खुशी के लिए खुद को मिटाकर भी तृप्त नहीं होते। फिर वही बात कि अत्याधिक दयालु जो होते हैं।
कुछ युवा जो नवंबर में जन्मे हैं और जिनकी राशि वृश्चिक या मेष है उन पर कंजूस होने का आरोप लग सकता है अन्यथा सामान्यत: नवंबर के युवा दिल के इतने उदार होते हैं कि सामने वाले के चेहरे पर मुस्कान देखने के लिए खुद की जेब खाली करके भी खुश रहते हैं।
पैसा इनके पास जितना भी आए, सेविंग के तरीके खोज ही लेते हैं। पूरी तरह से खाली ये कभी नहीं होते। इनके किसी ना किसी पर्स या पेंट की जेब से पैसे निकल ही आएंगे। थोड़ी व्यग्रता पर कंट्रोल कर ले तो इनके जैसा करीने से रहने वाला मिलना मुश्किल है। हर काम सुव्यवस्थित और साफ-सुथरा। इनके बचपन से लेकर अबतक के छोटे से छोटे डॉक्यूमेंट भी किसी फाइल में सुरक्षित रखे मिल जाएंगे। यहां हम आपको थोड़ा सा सनकी कह सकते हैं। कुछ-कुछ कन्फ्यूज्ड और कुछ-कुछ क्रिएटिव।
नवंबर जन्मदिन,
अतीत से इन्हें गहरा लगाव होता है। अपनी हर पहली बात या पहली चीज अपनी स्मृति में संजोकर रखते है। अक्सर इस माह में जन्मे लोग संवेदनशील लेखक, पुलिस, पत्रकार, कलाकार, सर्जन या गुप्तचर विभाग में होते हैं। मन इनका बच्चों की तरह होता है इसीलिए बच्चों से इन्हें बेहद प्यार होता है।
इनका इंटि्यूशन पॉवर तो माशाअल्लाह होता है। किसी बात का पूर्वाभास होना या सूरत देखकर आदमी की फितरत पहचानना इनके लिए आसान होता है। आकर्षक मुखाकृति और मासूमियत के कारण नौकरी हो या घर, प्यार हो या दोस्ती, इनके सौ गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। अपने बालों का इन्हें विशेष ख्याल रखना चाहिए वरना गंजे हो सकते हैं। बड़ी-बड़ी हांकने की प्रवृत्ति से भी थोड़ा बचें तो सही वक्त पर सही जीवनसाथी मिल जाएगा।
नवंबर माह की लड़कियां भावुक दिखतीं है पर होती प्रेक्टिकल हैं। चोट खाने पर खुद को समय पर संभाल लेती है।
यही वजह है कि अपने दुख के लिए कभी दूसरों का कंधा इस्तेमाल नहीं करती। बेमिसाल सहनशक्ति के कारण जीवन की हर जंग जीत लेती है। अभिव्यक्ति थोड़ी सी कमजोर होती है इसलिए उम्मीद करती है कि इनके आसपास के लोग इनकी बात स्वयं समझ लें। लोग जब इन्हें समझ नहीं पाते हैं तो ये झल्ला पड़ती हैं।
नवंबर माह वालों के लिए सलाह है कि वे अपनी कम्युनिकेशन स्किल सुधारें क्योंकि इसकी वजह से अक्सर लोग आपको गलत समझ लेते हैं। अपने सौम्य स्वरूप का गलत फायदा ना उठाएं बल्कि सच्चाई और ईमानदारी आपकी ताकत है उसका इस्तेमाल करें।
कल्पना लोक से बाहर आएं जिंदगी के कई रंग बस आप ही के लिए खिले हैं आप को उन्हें समय पर पहचानना है। हमारी शुभकामनाएं।
लकी नंबर : 3, 1, 7
लकी कलर : ‍पिंक, सफेद और चॉकलेटी
लकी डे : गुरुवार और मंगलवार
लकी स्टोन : पर्ल और मून स्टोन
सुझाव : तेल में अपना चेहरा देखकर मंदिर में दान करें रूकावटें दूर होंगी।

 क्या आपका बर्थ डे दिसंबर में है?
दिसंबर में जन्में युवा आलसी होते हैं
 आपका जन्म किसी भी साल के दिसंबर माह में हुआ है तो एस्ट्रोलॉजी कहती है आप अव्वल दर्जे के आलसी हैं। आप में खुद को लेकर अजीब किस्म का अभिमान होता है। दूसरों पर निर्भर रहने की प्रवृत्ति रहने के कारण आप हमेशा घर के लोगों से उलझते रहते हैं। घर और बाहर सभी से आपकी अतिरिक्त अपेक्षाएँ होती हैं। जबकि आमतौर पर आप किसी की भी अपेक्षा पर खरे नहीं उतरते। परिवार से बेपनाह प्यार करने के बावजूद परिवार से ही शिकायतें होती है।
आपको लगता है पूरी दुनिया आपको नहीं समझ सकती मगर सच तो यह है कि दुनिया के साथ तालमेल बैठाकर चलना आपको नहीं आता। कड़वा लग रहा होगा लेकिन यह सच है कि आप हमेशा यही चाहते हैं कि दूसरे आपको खुद ब खुद समझ जाएँ और बिना किसी शर्त के ढेर सारा प्यार भी लूटाए।
ऐसा नहीं है कि आप बुराई की खान है। आप में से जो दिसंबर के सेकंड हाफ में हुए हैं (यानी 15 से 31 के बीच) वे कमाल के कलाकार और दार्शनिक होते हैं। लेकिन जो 1 से 14 के बीच जन्मे हैं वे आलसी और अकडू होते हैं। उन्हें जीवन में अगर एक बार कोई उपलब्धि मिल जाए तो सारी उम्र उसी से चिपके रहते हैं, आगे बढ़ने की नहीं सोचते।
इनको कल्पना लोक में ही विचरण करना पसंद है। यथार्थ से ये लोग कोसों दूर रहते हैं। कुछ दिसंबर वाले हद दर्जे के संवेदनशील होते हैं, इतने कि सामने वाला खीज जाए पर ये अति भावुकता के कारण दूसरों को परेशान करना नहीं छोड़ते। 'घरघुस्सु' इनका दूसरा नाम हो सकता है। उन्नति के कई अवसर ये इसी वजह से गवाँ देते हैं कि इनसे अपना परिवार नहीं छोड़ा जाता।
इनमें एक विचित्र किस्म का आकर्षण भी होता है। अगर ये लड़के हैं तो 16 की उम्र से ही छैल-छबीले निकलेंगे और अगर लड़की हैं तो गोपनीय रूप से इनके 4-5 अफेयर होंगे। इस माह जन्मे लोगों में कोई एक सामाजिक बुराई अवश्य होती है। शराब, सट्टा या फिर अवैध संबंध। दिसंबर में जन्मे लोगों में महफिल में छा जाने की दक्षता होती है मगर दोहरे चरित्र के होने के कारण हर कोई इस काबिलियत का फायदा नहीं उठा पाते। इनमें जलनशीलता भी होती है।
इस माह में जन्मी लड़कियाँ बेहद चालाक और कूटनीतिज्ञ होती है। अत्यंत मीठा बोलकर सामने वाले को बुद्धू बना देती हैं। सामान्यत: कम बोलने के कारण पहचानी जाती है लेकिन कम बोलने का मतलब सीधी होना नहीं है। इनको समझना टेढ़ी खीर है। अपने पत्ते वक्त आने पर खोलती है। इनमें असुरक्षा का भाव भी अतिरेक में होता है। अपने काम दूसरों से करवाने में माहिर होती है।
दिसंबर के दूसरे हिस्से में जन्मे युवाओं में अगर थोड़ी भी स्थिरता आ जाए तो दुनिया इनकी योग्यता का लोहा मानेगी। अस्थिर और चंचल प्रवृत्ति के चलते ये लोग सफलता पर ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाते हैं। स्वयं को श्रेष्ठ मान बैठते हैं इसलिए चाहते हैं कि चारों तरफ से लोग बस इनकी तारीफें ही करें। दिसंबर में जन्मदिन वाले कई लोग दोनों हाथों से दोस्तों पर धन उड़ाते हैं और उतना ही कमाते भी हैं। इनके पास अनाप-शनाप पैसा होता है। बस, रिश्ते नहीं होते।
यही वजह है कि दिल से बहुत अच्छे होते हुए भी अपनी गलत आदतों के रहते अकेले पड़ जाते हैं। पैसा भरपूर बर्बाद करने के बाद भी इनकी सेविंग का जवाब नहीं। अपने परिवार के प्रति इनकी समर्पण भावना देखने लायक होती है। परिवार के लिए खुद को भी तबाह करने से नहीं चुकते। इन्हें चाहिए कि सेल्फ डिपेंड बने। डरपोक रहेंगे तो प्रगति नहीं कर पाएँगे।
आत्मविश्वास का हाथ थामिए फिर देखिए आपकी पर्सनेलिटी में चार चाँद लग जाएँगे। अपनी कला को निखारे। नौकरी के बजाय बिजनेस करें तो सफल रहेंगे। यूँ भी नौकरी करना आपके बस में नहीं। आपको दूसरों से काम करवाने की आदत जो है, इसलिए यह स्वभाव बिजनेस में ही चल सकता है।
फिलहाल, आपको सलाह है कि अपेक्षा ही दुख का कारण है। दूसरों से अपेक्षा करने के बजाय खुद से बड़ी-बड़ी अपेक्षा रखें और कल्पना लोक से बाहर आकर उन्हें पूरा करें।
लकी नंबर : 1, 3, 8
लकी कलर : येलो के हर शेड्स, ब्राउन, रेड, परपल
लकी डे : संडे, सेटरडे, वेडनसडे
लकी स्टोन : पन्ना और मोती
सुझाव : मछलियों को आटा खिलाएँ और किसी मंदिर में धार्मिक पुस्तकें दान करें।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिको ने अपने शोध के अनुसार बताया हैं की जो बच्चे जिस माह मे होते हैं उनका स्वास्थ्य व बौद्धिक क्षमता भी उसी माह के अनुसार होती हैं जैसे बसंत माह मे जन्मे बच्चे स्वास्थ्य की दृस्टी से सबसे ज़्यादा परेशान रहते हैं जिससे उनकी पढ़ाई भी अपने साथियो के मुक़ाबले कम रहती हैं | वैज्ञानिको के अनुसार अलग अलग माह मे जन्म लेने बच्चो का स्वास्थ्य समान ना होने की प्रमुख वजह महिलाओ द्वारा गर्भावस्था मे ली गयी धूप हैं जिसे गर्भावस्था मे पर्याप्त मात्रा मे ना लेने से आगे चलकर उनके बच्चो को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता हैं,अक्तूबर से दिसंबर के मध्य होने वाले बच्चो की लंबी आयु होने के पीछे भी यही तथ्य होता हैं | वैज्ञानिको की माने तो बसंत के बजाए ठंड मे जन्म लेने वाले बच्चे 160 दिन अधिक जीते हैं तथा उनमे विभिन्न मानसिक व शारीरिक बीमारियाँ होने की संभावना 50% तक कम होती हैं
विभिन्न माह मे जन्मे बच्चो को भावी जीवन मे होने वाली बीमारियाँ
जनवरी-अल्ज़ाइमर्स,मिर्गी,शिजोफ़्रेनिया,क्रोन्स डीजीज
फरवरी-पाचन तंत्र संबंधी बीमारियाँ,अल्ज़ाइमर्स,मिर्गी,नार्कोलेप्सी
मार्च-शराब की लत,अस्थमा,मधुमेह,हृदय रोग,अल्ज़ाइमर्स,आटिज्म,
अप्रैल,मई,जून,जुलाई,-ग्लूकोमा,मासिकधर्म,पार्किंसंस,पाचनतंत्र संबंधी बीमारियाँ,शराब की
लत,अस्थमा,मधुमेह,हृदय रोग,अल्ज़ाइमर्स,आटिज्म,डाउन सिंड्रोम,अंधापन
अगस्त-आटिज्म,अस्थमा,डाउन सिंड्रोम
सितंबर,अक्तूबर,नवंबर-अस्थमा
दिसंबर-शिजोफ़्रेनीया,क्रोन्स डीसीज |
Which Baby Are You? Read and Share

JANUARY BABY
Pretty/handsome. Loves to dress up. Easily bored. Fussy. Seldom shows emotions. Takes time to recover when hurt. Sensitive. Do...wn-to-Earth. Stubborn. Repost this in 5 mins and you will meet someone new in 8 days that will perfectly balance your personality.
FEBRUARY BABY
Abstract thoughts. Loves reality and abstract. Intelligent and clever. Changing personality. Attractive. sexiest out of everyone. Temperamental. Quiet, shy and humble. Honest and loyal. Determined to reach goals. Loves freedom. Rebellious when restricted. Loves aggressiveness. Too sensitive and easily hurt. Gets angry really easily but does not show it. Dislikes unnecessary things. Loves making friends but rarely shows it. Horny. Daring and stubborn. Ambitious. Realizing dreams and hopes. Sharp. Loves entertainment and leisure. Romantic on the inside not outside. Superstitious and ludicrous. Spendthrift. Tries to learn to show emotions. Repost this in 5 mins and you will talk to someone new and realize that you are a perfect match.
MARCH BABY
Attractive personality. sexy. Affectionate Shy and reserved. Secretive. Naturally honest, generous and sympathetic. Loves peace and serenity. Sensitive to others. Great kisser. Easily angered. Trustworthy. Appreciative and returns kindness. Hardly shows emotions. Tends to bottle up feelings. Observant and assesses others. If you repost this in the next 5 mins, you will meet your new love in 8 days.
APRIL BABY
Suave and compromising. Funny and humorous. Stubborn. Very talkative. Calm and cool. Kind and sympathetic. Concerned and detailed. Loyal. Does work well with others. Very confident. Sensitive. Positive Attitude. Thinking generous. Good memory. Clever and knowledgeable. Loves to look for information. Able to cheer everyone up and/or make them laugh. Able to motivate oneself and others. Understanding. Fun to be around. Outgoing. Hyper. Bubbly personality. Secretive. Boy/girl crazy. Loves sports, music, leisure and travelling. Systematic. hot but has brains. If you repost this in 5 mins, a cutie that's caught your eye will introduce themselves and you will realize that you are very much alike in the next 2 days.
MAY BABY
Stubborn and hard-hearted . Strong-willed and highly motivated. Sharp thoughts. Easily angered. Attracts others and loves attention. Deep feelings. Beautiful physically and mentally. Firm Standpoint. Needs no motivation. Shy towards opposite sex. Easily consoled. Systematic (left brain). Loves to dream. Strong clairvoyance. Understanding. Sickness usually in the ear and neck. Good imagination. Good physical. Weak breathing. Loves literature and the arts. Loves travelling. Dislike being at home. Restless. Not having many children. Hardworking. High spirited. If you repost this in the next 5 minutes, you will become close to someone you do not speak to much in the next 4 days.
JUNE BABY
You've got the best personality and are an absolute pleasure to be around. You love to make new friends and be outgoing. You are a great flirt and more than likely have an a very attractive partner. a wicked hottie. It is also more than likely that you have a massive record collection. You have a great choice in films, and may one day become a famous actor/actress yourself - heck, you've got the looks for it!!! IN the next 6 days you will meet someone that may possibly become one of your closest friends, if you repost this in 5 minutes.
JULY BABY
Fun to be with. Secretive. Difficult to fathom and to be understood. Quiet unless excited or tensed. Takes pride in oneself. Has reputation. Easily consoled. Honest. Concerned about people's feelings. Tactful. Friendly. Approachable. Emotional temperamental and unpredictable. Easily hurt. Witty and sparkly. spazzy at times. Not revengeful. Forgiving but never forgets. dislikes nonsensical and unnecessary things. Guides others physically and mentally. Sensitive and forms impressions carefully. Caring and loving. Treats others equally. Strong sense of sympathy. Wary and sharp. Judges people through observations. Hardworking. No difficulties in studying. Loves to be with friends . Always broods about the past and the old friends. Waits for friends. Never looks for friends. Not aggressive unless provoked. Loves to be loved. Easily hurt but takes long to recover. Repost this in the next 5 mins and your reputation will boost someway in the next 12 days
AUGUST BABY
outgoing personality. takes risks. feeds on attention. no self control. kind hearted. self confident. loud and boisterous. VERY revengeful. easy to get along with and talk to. has an "every thing's peachy" attitude. likes talking and singing. loves music. daydreamer. easily distracted. Hates not being trusted. BIG imagination. loves to be loved. hates studying. in need of "that someone". longs for freedom. rebellious when withheld or restricted. lives by "no pain no gain" caring. always a suspect. playful. mysterious. "charming" or "beautiful" to everyone. stubborn. curious. independent. strong willed. a fighter. repost in 5 mins and you will meet the love of your life sometime next month.
SEPTEMBER BABY
Active and dynamic. Decisive and haste but tends to regret. Attractive and affectionate to oneself. Strong mentality. Loves attention. Diplomatic. Consoling, friendly and solves people's problems. Brave and fearless. Adventurous. Loving and caring. Suave and generous. Usually you have many friends. Enjoys to make love. Emotional. Stubborn. Hasty. Good memory. Moving, motivates oneself and others. Loves to travel and explore. Sometimes sexy in a way that only their lover can understand. if you do not repost this in the next 5 mins, someone very close to you will become mad at you in the next 8 days.
OCTOBER BABY
Loves to chat. Loves those who love them. Loves to takes things at the centre. Inner and physical beauty. Lies but doesn't pretend. Gets angry often. Treats friends importantly. Brave and fearless. Always making friends. Easily hurt but recovers easily. Daydreamer. Opinionated. Does not care to control emotions. Unpredictable. Extremely smart, but definitely the hottest AND sexiest of them all. repost this in 5 mins or you will not meet the love of your life for 10 years.
NOVEMBER BABY
Trustworthy and loyal. Very passionate and dangerous. Wild at times. Knows how to have fun. Sexy and mysterious. Everyone is drawn towards your inner and outer beauty and independent personality. Playful, but secretive. Very emotional and temperamental sometimes. Meets new people easily and very social in a group. Fearless and independent. Can hold their own. Stands out in a crowd. Essentially very smart. Usually, the greatest men are born in this month. If you ever begin a relationship with someone from this month, hold on to them because their one of a kind. repost in 5 mins & you will excel in a major event coming up sometime this month.
DECEMBER BABY
This straight-up means ur the most good-looking person possible... better than all of these other months! Loyal and generous. Patriotic. Competitive in everything. Active in games and interactions. Impatient and hasty. Ambitious. Influential in organizations. Fun to be with. Easy to talk to, though hard to understand. Thinks far with vision, yet complicated to know. Easily influenced by kindness. Polite and soft-spoken. Having lots of ideas. Sensitive. Active mind. Hesitating, tends to delay. Choosy and always wants the best. Temperamental. Funny and humorous. Loves to joke. Good debating skills. Has that someone always on his/her mind. Talkative. Daydreamer. Friendly. Knows how to make friends. Abiding. Able to show character. one guy/girl kind of person. Loveable. Easily hurt. Prone to getting colds. loves music.
Note-यह ब्लॉग मैंने अपनी रूची के अनुसार बनाया है इसमें जो भी सामग्री दी जा रही है वह मेरी अपनी नहीं है कहीं न कहीं से ली गई है। अगर किसी के कॉपी राइट का उल्लघन होता है तो मुझे क्षमा करें।मैं हर इंसान के लिए ज्योतिष के ज्ञान के प्रसार के बारे में सोच कर इस ब्लॉग को बनाए रख रहा हूँ। 

कैसे मिले सर्वश्रेष्ठ संतान :How to get the best child :


  1.  क्या खाने से होगा क्यूट बेबी?
    खाएं कुछ ऐसा कि बच्चा खूबसूरत हो
    Webdunia
    यूं तो बच्चे खूबसूरत ही होते हैं लेकिन कई बार खानपान का प्रभाव बच्चों की त्वचा पर पड़ता है अत: अगर थोड़ा खानपान संबंधी बातों का ध्यान रखा जाए तो आने वाला शिशु उजला और मुलायम त्वचा वाला होगा। पेश है कुछ आसान से घरेलू उपाय जो बच्चों को सुंदर बना सकते हैं।
    सौंफ, सुआ तथा तिल को अलग-अलग सेंक कर मिलाकर रख लें। यह मिश्रण मुखशुद्धि यानी माउथफ्रेशनर की तरह गर्भवती महिला दिन में चार बार इस्तेमाल करें तो शिशु गोरा चिट्टा होगा।
    कच्चे नारियल की छोटी-छोटी गिरीयां मिश्री के साथ चबा-चबा कर खाने से भी बच्चा सुन्दर और चमकदार होगा।
    काले और ताजे अंगूरों का रस एक गिलास नियमित सेवन करने से गर्भस्थ शिशु का रक्त शुद्ध होगा तथा जन्म के बाद उसकी त्वचा निखरी-निखरी रहेगी।
    गाजर के रस से भी शिशु गौर वर्ण होता है।
    सर्दियों के दिनों में केसर-बादाम युक्त दूध पीने से बच्चा सुकोमल और गुलाबी होता है।
    रसीले संतरों का रोज सेवन करने से नवजात शिशु उजला एवं सुन्दर होता है।

क्या शिशुयों की देखभाल गर्भ से ही संभव है? संतान को बनाये सुपर किड :Santan ko banaye super kid :Care is only possible in pregnancy?

  क्या शिशुयों की देखभाल गर्भ से ही संभव है?एस्ट्रो अंकल टिप्स Care is only possible in  pregnancy? tips/upay

क्या शिशुयों की देखभाल गर्भ से ही संभव है?

नौ माह के गर्भ के दौरान शिशु जीवन किन किन गृहों से प्रभावित होता है?
मेरे प्रिय गुरु श्री पवन सिन्हा जी (एस्ट्रो अंकल) बच्चो की परवरिश पर विशेष जोर देतें है, उनके द्वारा बताये गए अनुभूत उपाय व् सावधानियां आपसे बतना चाहता हूँ उम्मीद करता हूँ की आप भी इनका लाभ उठाएं व् अपने आसपास के लोगों को भी लाभान्वित करें.
प्रथम माह:
प्रथम माह शुक्र गृह से संचालित होता है, जो उत्तम व् सुंदर संतान देता है, - सौंफ और मिश्री का दान व् सेवन करें.
द्वितीय माह:
मंगल - मजबूत स्वस्थ्य व् हड्डियाँ देता है - गुड का दान करें, लाल वस्त्र न पहनें, सुन्दरकाण्ड का पाठ करें.
तिर्तिया माह:
गुरु - प्रसिधी देता है, संस्कार देता है - हल्दी न खाएं, दान करें, अच्छा साहित्य पढ़ें, गुरु का सानिध्य प्राप्त करें, चन्दन का तिलक लगायें.
चतुर्थ माह:
सूर्य - अच्छी वाणी व् तेज़ दिमाग देता है - गायत्री मंत्र सूर्योदय के समय जपें, जल ज्यादा पियें, कला का अभ्यास करें.
पंचम माह:
चन्द्रमा - अच्छा व्यवहार देता है व् तेज़ दिमाग प्राप्त होता है - वैज्ञानिक व् धार्मिक पुस्तकें पढ़ें, चांदी का कड़ा अथवा छल्ला पहनें. ठंडी चीजों का सेवन न करें, ओउम नमः शिवाय का जप करें.
छठा माह:
शनि - उत्तम स्वस्थ्य व् स्नायु तंत्र देता है - कुष्ठ रोगियों के सेवा करें, चांदी के साथ लोहे का कड़ा या छल्ला पहनें, ५ पीपल के वृक्ष लगायें, गायत्री का जप करें, लोह्सव का सेवन करें.
सप्तम माह:
बुध - उत्तम त्वचा, फेंफडे व् श्वास तंत्र देता है - हरा चारा गाय को दें, व् हरी सब्जियों का सेवन करें.
अष्टम माह:
इष्ट - सर्वगुण संतान देतें हैं - अपने इष्ट के साधना करें - गणित पढ़ें - लेट भोजन न करें - लोहे का कड़ा/छल्ला उतार दें, बेल पत्र डालकर नहाएं.
नवं माह:
चन्द्रमा - सिर्फ चांदी पहनें - महाम्र्तुन्ज्य का जाप करें - उजले वस्त्र पहनें.
उपरोक्त उपायों द्वारा एक स्वस्थ्य व् मेधावी संतान की प्राप्ति की जा सकती है.

 गर्भ मास के अधिपति ग्रह व उनका दान
गर्भाधान से नवें महीने तक प्रत्येक मास के अधिपति ग्रह के पदार्थों का उनके वार में दान करने से गर्भ क्षय का भय नहीं रहता | गर्भ मास के अधिपति ग्रह व उनके दान निम्नलिखित हैं ——
प्रथम मास — – शुक्र (चावल ,चीनी ,गेहूं का आटा ,दूध ,दही ,चांदी ,श्वेत वस्त्र व दक्षिणा शुक्रवार को )
द्वितीय मास — –मंगल ( गुड ,ताम्बा ,सिन्दूर ,लाल वस्त्र , लाल फल व दक्षिणा मंगलवार को )
तृतीय मास — – गुरु ( पीला वस्त्र ,हल्दी ,स्वर्ण , पपीता ,चने कि दाल , बेसन व दक्षिणा गुरूवार को )
चतुर्थ मास — – सूर्य ( गुड , गेहूं ,ताम्बा ,सिन्दूर ,लाल वस्त्र , लाल फल व दक्षिणा रविवार को )
पंचम मास —- चन्द्र (चावल ,चीनी ,गेहूं का आटा ,दूध ,दही ,चांदी ,श्वेत वस्त्र व दक्षिणा सोमवार को )
षष्ट मास — –- शनि ( काले तिल ,काले उडद ,तेल ,लोहा ,काला वस्त्र व दक्षिणा शनिवार को )
सप्तम मास —– बुध ( हरा वस्त्र ,मूंग ,कांसे का पात्र ,हरी सब्जियां व दक्षिणा बुधवार को )
अष्टम मास —- गर्भाधान कालिक लग्नेश ग्रह से सम्बंधित दान उसके वार में |यदि पता न हो तो अन्न ,वस्त्र व फल का दान अष्टम मास लगते ही नकार दें |
नवं मास —- चन्द्र (चावल ,चीनी ,गेहूं का आटा ,दूध ,दही ,चांदी ,श्वेत वस्त्र व दक्षिणा सोमवार को )
 क्या खाने से होगा क्यूट बेबी?

खाएं कुछ ऐसा कि बच्चा खूबसूरत हो
Webdunia
यूं तो बच्चे खूबसूरत ही होते हैं लेकिन कई बार खानपान का प्रभाव बच्चों की त्वचा पर पड़ता है अत: अगर थोड़ा खानपान संबंधी बातों का ध्यान रखा जाए तो आने वाला शिशु उजला और मुलायम त्वचा वाला होगा। पेश है कुछ आसान से घरेलू उपाय जो बच्चों को सुंदर बना सकते हैं।
सौंफ, सुआ तथा तिल को अलग-अलग सेंक कर मिलाकर रख लें। यह मिश्रण मुखशुद्धि यानी माउथफ्रेशनर की तरह गर्भवती महिला दिन में चार बार इस्तेमाल करें तो शिशु गोरा चिट्टा होगा।
कच्चे नारियल की छोटी-छोटी गिरीयां मिश्री के साथ चबा-चबा कर खाने से भी बच्चा सुन्दर और चमकदार होगा।
काले और ताजे अंगूरों का रस एक गिलास नियमित सेवन करने से गर्भस्थ शिशु का रक्त शुद्ध होगा तथा जन्म के बाद उसकी त्वचा निखरी-निखरी रहेगी।
गाजर के रस से भी शिशु गौर वर्ण होता है।
सर्दियों के दिनों में केसर-बादाम युक्त दूध पीने से बच्चा सुकोमल और गुलाबी होता है।
रसीले संतरों का रोज सेवन करने से नवजात शिशु उजला एवं सुन्दर होता है।
 एस्ट्रो अंकल एपिसोड वीडियो : संतान को बनाये सुपर किड :Santan ko banaye super kid 
Santan ko banaye super kid - Pawan Sinha Live -10apr 2010p1

  कैसे एक स्वस्थ, बुद्धिमान और स्मार्ट शिशु जो अच्छे गुण ही हो?सब क्या गर्भावस्था की अवधि के दौरान करने के लिए सुनिश्चित करें कि
आप एक स्वस्थ बच्चा ही हो?
गर्भावस्था की अवधि के दौरान हर महीने नौ ग्रहों के बाहर एक विशेष ग्रह द्वारा नियंत्रित होता है।
१ महीना:
वीनस (Shukra) 1 महीने में सबसे अच्छा परिणाम देता है। अगर माँ का शुक्र कमजोर है, तो पहले महीने में, माँ कुछ समस्याओं का अनुभव होगा। यह इस वीनस मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण है, coz सबसे महत्वपूर्ण महीने के गर्भ के दौरान पहला महीना है।
उपचार इस वीनस मजबूत रखने के लिए:
part5-pawansinhalive-10-apr-2010 santan nine month -grah
पति पत्नी (जैसे, घर मंदिर) उनके घर पूजा स्थान साफ होना चाहिए
अपने घर को अच्छी तरह से प्रबंधित। आदेश में सभी चीजें रखने और का आयोजन किया।
२ माह:
२ माह मंगल ग्रह (मंगल) के अंतर्गत आता है। मंगल governes हड्डियों और रक्त। स्वस्थ और सुंदर लग रही है और मजबूत, निडर और बहादुर बच्चे अगर केवल मंगल अच्छा है संभव है।
(गर्भावस्था की 2 महीने में किया जा करने के लिए) मंगल ग्रह के लिए उपचार:
दूसरे महीने में, gurh (गुड़) दान
Spicey खाद्य इस माह के दौरान से बचें।
Sunderkaand Paath धर्म करते हैं।
दाहिने हाथ तांबे kada (कंगन)
लाल कपड़े पहनने नहीं
१० ग्राम shataavar और 10 ग्राम मिश्री, दूध और पीने में उबाल लें।
३ महीने:
यह बृहस्पति (Brahaspati या गुरु) के अंतर्गत आता है। अगर माँ का बृहस्पति मजबूत है, बच्चे की त्वचा सुंदर है। बच्चे अपनी माताओं का पालन करना। बच्चे बहुत बुद्धिमान आते हैं।
उपचार बृहस्पति मजबूत बनाने के लिए:
पढ़ें और साहित्य और विज्ञान के तीसरे महीने में चर्चा।
यदि बृहस्पति बहुत कमजोर है, तब नहीं हल्दी खाने और गुरु की कंपनी में रहो।
सफेद चंदन और केसर या हल्दी और केसर का तिलक लागू करें।
४ माह:
गर्भावस्था के 4 महीने सूरज (सूर्य) के अंतर्गत आता है। सूर्य आत्मा उत्थान और धर्म के लिए, महत्वपूर्ण है। अगर माँ का सूर्य मजबूत है, बच्चे एक मजबूत चेहरा है, और इस बच्चे गणित और दर्शन में अच्छा हो जाएगा। वह या वह अपनी सोच और मजबूत भाषण के माध्यम से समाज में महान ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। बच्चे बहुत प्रभावशाली हो जाएगा और एक चिंगारी में आँखें होगा।
 उपचार:
४ महीने में उगते सूरज के सामने बैठते हैं और गायत्री मंत्र paath करते हैं
तांबा ग्लास में पानी की बहुत पीने
कुछ कला का अभ्यास।
अम्लता करता है कि खाना खाने नहीं।
५ माह:
इस महीने चाँद (चन्द्र) के अंतर्गत आता है। अगर माँ का चाँद अच्छा है और मजबूत, बच्चे के व्यवहार एन डी भावनाओं है अच्छी तरह से - संतुलित। इस बच्चे खुश और वैज्ञानिक उन्मुख है। पति और पत्नी दोनों उनके बच्चे अच्छे चाँद है सुनिश्चित करने के लिए इन उपचार करना चाहिए। यदि पिता लालची, स्वार्थी या अज्ञानी है, तो कोई बात नहीं कैसे मजबूत माँ का चाँद है, बच्चे को एक बुरा चंद्रमा हो जाएगा।
पानी में चांदी गिलास पी लो। Regirgerated पानी से बचने के।
इस महीने में कॉपर कंगन (karha) निकालें और अपने दाहिने हाथ में एक चांदी कंगन पहनने।
भी, एक चांदी की अंगूठी अपने Kanishtha उंगली में पहनें। (रिंग फिंगर)
आध्यात्मिक साहित्य पर चर्चा और इस महीने के दौरान वैज्ञानिक बातों पर चर्चा
Anulom vilom कर
रसदार फल खा।
1 चम्मच एक गिलास गर्म दूध में घी का मिश्रण और भी, चीनी की एक छोटी राशि में जोड़ें। हर सुबह और शाम इस दूध पी लो।
"ओम नमः shivaya" या Mahamrtiyunjay मंत्र japa करते हैं।
६ महीने:
इस माह शनि (शनि) के है। शनि अच्छा तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। अगर शनि कमजोर है, बच्चे से संबंधित समस्याओं के रूप में अच्छी तरह से साँस लेने में हो सकता है।
उपचार अपने शनि मजबूत बनाने के लिए:
कि आपके शरीर में गैस बनाता है खाना खाने से बचें। (Baadi खाना खाने नहीं)
भी एक लौह कंगन या अंगूठी पहनने।
सुनिश्चित करें कि आप किसी भी लोहे की कमी नहीं है। खाना खाना है कि लोहे में अमीर है।
पानी, कि आप के लिए स्नान का उपयोग में कुछ 'बेल पत्र' यह में जोड़ें और तब एक स्नान है।
5 पीपल (दोनों पति और पत्नी यह करना चाहिए) पेड़ पौधे
राष्ट्रीय, सामाजिक और वैज्ञानिक मुद्दों पर चर्चा की।
दैनिक गायत्री और महा mrityunjay मंत्र या ओम नमः shivaya मंत्र सुनाना।
७ महीने:
बुध (बुद्ध) मानसिक रूप से सक्रिय, बहुत बुद्धिमान और स्मार्ट अपने बाल बनाने के लिए जिम्मेदार के लिए 7 महीने के गर्भ के अंतर्गत आता है। अच्छा बुध आपके बच्चे किसी भी मानसिक समस्या है नहीं होगा सुनिश्चित करता है
उपचार अपने पारा मजबूत बनाने के लिए:
"ओम" Japa करते हैं।
गणित का अध्ययन
लौह कंगन या लोहे की अंगूठी निकालने।
८ माह:

८ महीने के लिए अपने Ishta देवता का है। जो कोई भी अपने Ishta देवता है, उसे धार्मिक पूजा के दौरान इस महीने।
९ माह:
९ महीने जब बच्चा पैदा हो गया है समय है। इस महीने फिर से चंद्रमा के लिए - karaka माँ के अंतर्गत आता है।
क्या गर्भावस्था के 9 माह में करने के लिए? (दोनों पति और पत्नी इन tihngs करना चाहिए)
चांदी की अंगूठी या कंगन को छोड़कर किसी भी अन्य धातु नहीं पहनते।
रोजाना सुबह, शिव मंत्रों (ओम नमः shivaya या Mahamirtyunjay मंत्र) मंत्र। शाम में मानसिक रूप से एक ही मंत्र सुनाना।
Anulom Vilom करते हैं।
प्रकाश पहन रंग का सफेद, क्रीम या हल्के पीले रंग जैसे ही, कपड़े।
चित्र बनाते हैं। गणित का अध्ययन।
स्वस्थ और सकारात्मक आध्यात्मिक साहित्य और विज्ञान पर चर्चा।
as told byAstro Uncle SHRI PAWAN सिन्हा
गर्भ मास के अधिपति ग्रह व उनका दान
गर्भाधान से नवें महीने तक प्रत्येक मास के अधिपति ग्रह के पदार्थों का उनके वार में दान करने से गर्भ क्षय का भय नहीं रहता | गर्भ मास के अधिपति ग्रह व उनके दान निम्नलिखित हैं ——
प्रथम मास — – शुक्र (चावल ,चीनी ,गेहूं का आटा ,दूध ,दही ,चांदी ,श्वेत वस्त्र व दक्षिणा शुक्रवार को )
द्वितीय मास — –मंगल ( गुड ,ताम्बा ,सिन्दूर ,लाल वस्त्र , लाल फल व दक्षिणा मंगलवार को )
तृतीय मास — – गुरु ( पीला वस्त्र ,हल्दी ,स्वर्ण , पपीता ,चने कि दाल , बेसन व दक्षिणा गुरूवार को )
चतुर्थ मास — – सूर्य ( गुड , गेहूं ,ताम्बा ,सिन्दूर ,लाल वस्त्र , लाल फल व दक्षिणा रविवार को )
पंचम मास —- चन्द्र (चावल ,चीनी ,गेहूं का आटा ,दूध ,दही ,चांदी ,श्वेत वस्त्र व दक्षिणा सोमवार को )
षष्ट मास — –- शनि ( काले तिल ,काले उडद ,तेल ,लोहा ,काला वस्त्र व दक्षिणा शनिवार को )
सप्तम मास —– बुध ( हरा वस्त्र ,मूंग ,कांसे का पात्र ,हरी सब्जियां व दक्षिणा बुधवार को )
अष्टम मास —- गर्भाधान कालिक लग्नेश ग्रह से सम्बंधित दान उसके वार में |यदि पता न हो तो अन्न ,वस्त्र व फल का दान अष्टम मास लगते ही नकार दें |
नवं मास —- चन्द्र (चावल ,चीनी ,गेहूं का आटा ,दूध ,दही ,चांदी ,श्वेत वस्त्र व दक्षिणा सोमवार को )

  क्या शिशुयों की देखभाल गर्भ से ही संभव है?एस्ट्रो अंकल टिप्स Care is only possible in  pregnancy? tips/upay/

क्या शिशुयों की देखभाल गर्भ से ही संभव है?

नौ माह के गर्भ के दौरान शिशु जीवन किन किन गृहों से प्रभावित होता है?
मेरे प्रिय गुरु श्री पवन सिन्हा जी (एस्ट्रो अंकल) बच्चो की परवरिश पर विशेष जोर देतें है, उनके द्वारा बताये गए अनुभूत उपाय व् सावधानियां आपसे बतना चाहता हूँ उम्मीद करता हूँ की आप भी इनका लाभ उठाएं व् अपने आसपास के लोगों को भी लाभान्वित करें.
प्रथम माह:
प्रथम माह शुक्र गृह से संचालित होता है, जो उत्तम व् सुंदर संतान देता है, - सौंफ और मिश्री का दान व् सेवन करें.
द्वितीय माह:
मंगल - मजबूत स्वस्थ्य व् हड्डियाँ देता है - गुड का दान करें, लाल वस्त्र न पहनें, सुन्दरकाण्ड का पाठ करें.
तिर्तिया माह:
गुरु - प्रसिधी देता है, संस्कार देता है - हल्दी न खाएं, दान करें, अच्छा साहित्य पढ़ें, गुरु का सानिध्य प्राप्त करें, चन्दन का तिलक लगायें.
चतुर्थ माह:
सूर्य - अच्छी वाणी व् तेज़ दिमाग देता है - गायत्री मंत्र सूर्योदय के समय जपें, जल ज्यादा पियें, कला का अभ्यास करें.
पंचम माह:
चन्द्रमा - अच्छा व्यवहार देता है व् तेज़ दिमाग प्राप्त होता है - वैज्ञानिक व् धार्मिक पुस्तकें पढ़ें, चांदी का कड़ा अथवा छल्ला पहनें. ठंडी चीजों का सेवन न करें, ओउम नमः शिवाय का जप करें.
छठा माह:
शनि - उत्तम स्वस्थ्य व् स्नायु तंत्र देता है - कुष्ठ रोगियों के सेवा करें, चांदी के साथ लोहे का कड़ा या छल्ला पहनें, ५ पीपल के वृक्ष लगायें, गायत्री का जप करें, लोह्सव का सेवन करें.
सप्तम माह:
बुध - उत्तम त्वचा, फेंफडे व् श्वास तंत्र देता है - हरा चारा गाय को दें, व् हरी सब्जियों का सेवन करें.
अष्टम माह:
इष्ट - सर्वगुण संतान देतें हैं - अपने इष्ट के साधना करें - गणित पढ़ें - लेट भोजन न करें - लोहे का कड़ा/छल्ला उतार दें, बेल पत्र डालकर नहाएं.
नवं माह:
चन्द्रमा - सिर्फ चांदी पहनें - महाम्र्तुन्ज्य का जाप करें - उजले वस्त्र पहनें.
उपरोक्त उपायों द्वारा एक स्वस्थ्य व् मेधावी संतान की प्राप्ति की जा सकती है.
Episode Theme: How to have a healthy, intelligent and smart baby who's full of good qualities? What all to do during the pregnancy period itself to make sure you have a healthy baby?
Every month during the pregnancy period is governed by a particular planet out of the nine planets.
1st Month:
Venus (Shukra)gives the best results in the 1st month. If mother's Venus is weak, then in the first month, mother will experience some problems. It's important to make this venus strong, coz first month is the most important month during pregnancy.
Remedies to keep this Venus strong:
• Husband wife should clean their house worship place (like, home temple)
• Manage your house well. Keep all the things in order and organized.
2nd Month :
2nd Month belongs to Mars (Mangal). Mars governes bones and blood. Healthy and beautiful looking and strong, fearless and brave child is possible only if the Mars is good.
Remedies for Mars (to be done in the 2nd month of pregnancy):
• In the second month, Donate gurh (jaggery)
• Avoid spicey food during this month.
• Do sunderkaand Paath religiously.
• Right hand copper kada (Bracelet)
• Don't wear red clothes
• 10 gm shataavar and 10 gm mishri, boil in milk and drink.
3rd Month:
It belongs to Jupiter (Brahaspati or Guru). If mother's jupiter is strong, child's skin is beautiful. The children obey their mothers. The children come out very intelligent.
Remedies to make Jupiter strong:
• Read and discuss literature and science in the third month.
• If Jupiter is very weak, then don't eat haldi and stay in the company of guru.
• Apply tilak of white sandalwood and kesar or Haldi and Kesar.
4th Month:
4th Month of Pregnancy belongs to Sun. (Surya). For the soul upliftment and righteousness, Sun is important. If mother's Sun is strong, the child will have a strong face, and this child will be good in Maths and Philosophy. He or she will achieve great heights in society through his thinking and strong speech. The child will be very impressive and will have a spark in eyes.
Remedies:
• In the 4th month, sit in front of the rising sun and do Gayatri Mantra paath
• Drink lots of water in copper glass
• Practice some art.
• Don't eat food that makes acidity.
5th Month:
This month belongs to Moon (Chandra). If mother's moon is good and strong, the child's behaviour nd emotions is well - balanced. This child is happy and scientific-oriented. Both husband and wife must do these remedies to make sure their child has good moon. If the father is greedy, selfish or ignorant, then no matter how strong the mother's moon is , the child will have a bad moon.
• Drink water in silver glass. Avoid regirgerated water.
• In this month, remove the copper bracelet (karha) and wear a silver bracelet in your right hand.
• Also, wear a silver ring in your Kanishtha finger. (ring finger)
• Discuss spiritual literature and discuss scientific things during this month
• Do Anulom vilom
• Eat juicy fruits.
• Mix 1 tablespoon of Ghee in a glass of warm milk and also, add a little amount of sugar in it. Drink this milk every morning and evening.
• Do japa of "Om namah shivaya" or Mahamrtiyunjay mantra.
6th Month:
This is the month of Saturn (Shani). Important to make Saturn strong to have good nervous system. If Saturn is weak, the child may have breathing related problems as well.
Remedies to make your Saturn strong :
• Avoid eating food that creates gas in your body. (Don't eat Baadi food)
• Also wear an iron bracelet or ring.
• Make sure that you don't have any iron-deficiency. Eat food that's rich in iron.
• In the water that you use for bathing, add some 'bel patra' in it and then have a bath.
• Plant 5 peepal trees (both husband and wife should do it)
• Discuss national, social and scientific issues.
• Daily recite Gayatri and Maha mrityunjay Mantra or Om namah shivaya mantra.
7th Month :
7th month of pregnancy belongs to Mercury (budha) responsible for making your child mentally active, very intelligent and smart. Good mercury makes sure your child won't have any mental problem
Remedies to make your Mercury Strong:
• Do "Om" Japa.
• Study Maths
• Remove iron bracelet or iron ring.
8th Month:
8th Month belongs to your Ishta Devta. Whoever your Ishta devta is, worship him religiously during this month.
9th Month:
9th month is the time when the child has to be born. This month again belongs to Moon - the karaka of mother.
What to do in the 9th month of pregnancy? (Both husband and wife must do these tihngs)
• Don't wear any other metal except silver ring or bracelet.
• Daily morning , chant Shiv mantras (Om namah shivaya or Mahamirtyunjay Mantra). In the evening recite the same mantras mentally.
• Do Anulom Vilom.
• Wear light colored clothes only eg, white, cream or light yellow.
• Make drawings. Study maths.
• Discuss healthy and positive spiritual literature and science. 

लाफ्टर थेरेपी:हंसी संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए: World Laughter Day : Laughter Therapy :

वर्ल्ड लाफ्टर डे: हा हा, ही ही

नवभारत टाइम्स | 

क्या आपको याद है कि आप आखिरी बार दिल खोलकर कब हंसे थे? ऐसी जोरदार हंसी कि हंसते-हंसते लोटपोट हो गए, कि मुंह थक गया, कि आंखों से आंसू बह निकले, कि पेट में बल पड़ गए... याद नहीं आया न! आजकल के तनाव के इस दौर में हंसी वाकई महंगी हो गई है। लोगों के पास सब चीजों के लिए वक्त है, हंसने-हंसाने के लिए नहीं, जबकि हंसी के फायदों की फेहरिस्त काफी लंबी है। एक्सपर्ट्स से बात करके आज वर्ल्ड लाफ्टर डे के मौके पर हंसी के फायदों के बारे में बता रही हैं प्रियंका सिंह :
हंसी से बड़ी कोई दवा नहीं. . . इस बात को हम हमेशा से सुनते आए हैं, लेकिन मानते शायद कम ही हैं क्योंकि बिना किसी खर्च के इलाज की बात आसानी से हजम नहीं होती। वैसे भी, जिंदगी की आपाधापी और तनाव ने लोगों को हंसना भुला दिया है। रिसर्च बताती हैं कि पहले लोग रोजाना करीब 18 मिनट रोजाना हंसते थे, अब 6 मिनट ही हंसते हैं जबकि हंसना बेहद फायदेमंद है। दिल खोलकर हंसनेवाले लोग बीमारी से दूर रहते हैं और जो बीमार हैं, वे जल्दी ठीक होते हैं। हंसी न सिर्फ हंसनेवाले, बल्कि उसके आसपास के लोगों पर भी पॉजिटिव असर डालती है इसलिए रोजाना हंसें, खूब हंसें, जोरदार हंसें, दिल खोलकर हंसें।
हंसी के फायदे तमाम
[ जारी है ]
- हंसी से टेंशन और डिप्रेशन कम होता है।
- यह नेचरल पेनकिलर का काम करती है।
- हंसी शरीर में ऑक्सिजन की मात्रा बढ़ाती है।
- हंसी ब्लड सर्कुलेशन को कंट्रोल करती है।
 जोरदार हंसी कसरत का भी काम करती है।
- शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करती है।
- इससे काम करने की क्षमता बढ़ती है।
 यह आत्मविश्वास और पॉजिटिव नजरिए में इजाफा करती है।
- इसे नेचरल कॉस्मेटिक भी कह सकते हैं क्योंकि इससे चेहरा खूबसूरत बनता है।
- खुशमिजाज लोगों के सोशल और बिजनेस कॉन्टैक्ट भी ज्यादा होते हैं।
कैसे काम करती है हंसी
- हमारे शरीर में कुछ स्ट्रेस हॉर्मोन होते हैं, जैसे कि कॉर्टिसोल, एड्रेनलिन आदि। जब कभी हम तनाव में होते हैं तो ये हॉर्मोन शरीर में सक्रिय हो जाते हैं। इनका लेवल बढ़ने पर घबराहट होती है। ज्यादा घबराहट होने पर सिर दर्द, सर्वाइकल, माइग्रेन, कब्ज हो सकती है और शुगर लेवल बढ़ सकता है। हंसने से कॉर्टिसोल व एड्रेनलिन कम होते हैं और एंडॉर्फिन, फिरॉटिनिन जैसे फील गुड हॉमोर्न बढ़ जाते हैं। इससे मन उल्लास और उमंग से भर जाता है। इससे दर्द और एंग्जाइटी कम होती है। इम्युन सिस्टम मजबूत होता है और बुढ़ापे की प्रक्रिया धीमी होती है।
- जितनी देर हम जोर-जोर से हंसते हैं, उतनी देर हम एक तरह से लगातार प्राणायाम करते हैं क्योंकि हंसते हुए हमारा पेट अंदर की तरफ चला जाता है। साथ ही हम लगातार सांस छोड़ते रहते हैं, यानी शरीर से कार्बनडाइऑक्साइड बाहर निकलती रहती है। इससे पेट में ऑक्सिजन के लिए ज्यादा जगह बनती है। दिमाग को ढंग से काम करने के लिए 20 फीसदी ज्यादा ऑक्सिजन की जरूरत होती है। खांसी, नजला, जुकाम, स्किन प्रॉब्लम जैसी एलर्जी ऑक्सिजन की कमी से बढ़ जाती हैं। हंसी इन बीमारियों को कंट्रोल करने में मदद करती है। साथ ही, शुगर, बीपी, माइग्रेन, जैसी बीमारियां (जिनके पीछे स्ट्रेस बड़ी वजह होती है) होने की आशंका भी कम होती है क्योंकि करीब 60-70 फीसदी बीमारियों की वजह तनाव ही होता है। हंसी पैनिक को कंट्रोल करती है, जिसकी बदौलत रिकवरी तेज होती है।
- जब हम जोर-जोर से हंसते हैं तो झटके से सांस छोड़ते हैं। इससे फेफड़ों में फंसी हवा बाहर निकल आती है और फेफड़े ज्यादा साफ हो जाते हैं।
- हंसने से शरीर के अंदरूनी हिस्सों को मसाज मिलती है। इसे इंटरनल जॉगिंग भी कहा जाता है। हंसी कार्डियो एक्सरसाइज है। हंसने पर चेहरे, हाथ, पैर, और पेट की मसल्स व गले, रेस्पिरेटरी सिस्टम की हल्की-फुल्की कसरत हो जाती है। 10 मिनट की जोरदार हंसी इतनी ही देर के हल्की कसरत के बराबर असर करती है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और मसल्स रिलैक्स होती हैं।
- जब हम हंसते हैं तो कोई भी तकलीफ या बीमारी कम महसूस होती है क्योंकि जिस तरह के विचार मन में आते हैं, हमारा शरीर वैसे ही रिएक्ट करता है। हंसने से हम लगभग शून्य की स्थिति में आ जाते हैं यानी सब भूल जाते हैं।
- जिंदगी में दिन और रात की तरह सुख और दुख लगे रहते हैं। इनसे बचा नहीं जा सकता लेकिन अगर हम लगातार बुरा और नेगेटिव सोचते हैं तो दिमाग सही फैसला नहीं कर पाता और परेशानियां बढ़ जाएंगी। हंसने पर दिमाग पूरा काम करता है और हम सही फैसला ले पाते हैं।
क्या कहती हैं रिसर्च
अमेरिका के फिजियॉलजिस्ट और लाफ्टर रिसर्चर विलियम फ्राइ के मुताबिक जोरदार हंसी दूसरे इमोशंस के मुकाबले ज्यादा फिजिकल एक्सरसाइज साबित होती है। इससे मसल्स एक्टिवेट होते हैं, हार्ट बीट बढ़ती है और ज्यादा ऑक्सिजन मिलने से रेस्पिरेटरी सिस्टम बेहतर बनता है। ये फायदे जॉगिंग आदि से मिलते-जुलते हैं। जरनल ऑफ अमेरिकन मेडिकल असोसिएशन के मुताबिक, लाफ्टर थेरपी से लंबी बीमारी के मरीजों को काफी फायदा होता है इसलिए अमेरिका, यूरोप और खुद हमारे देश में भी कई अस्पतालों से लेकर जेलों तक में लाफ्टर थेरपी या हास्य योग कराया जाता है।
हास्य योग
लोगों को हंसना सिखाने में हास्य योग काफी पॉप्युलर हो रहा है। हास्य और योग को मिलाकर बना है हास्य योग, जिसमें प्राणायाम (लंबी-लंबी सांसें लेते) के साथ हंसी के अलग-अलग कसरत करना सिखाया जाता है। हास्य योग के तहत जोर-जोर से ठहाके मारकर, बिना किसी वजह के बेबाक हंसने की प्रैक्टिस की जाती है। इसमें शरीर के आंतरिक हास्य को बाहर निकालना सिखाया जाता है, जिससे शरीर सेहतमंद होता है। शुरुआत में नकली हंसी के साथ शुरू होनेवाली यह क्रिया धीरे-धीरे हमारे व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाती है और हम बिना किसी कोशिश के हंसने लगते हैं। हास्य योग इस वैज्ञानिक आधार पर काम करता है कि शरीर नकली और असली हंसी के बीच फर्क नहीं कर पाता, इसलिए दोनों से ही एक जैसे फायदे होते हैं।
हास्य योग के छह चरण होते हैं।
आचमन : इस दौरान अच्छे विचार करें। सोचें कि मुझे अच्छा बनना है। मैं अच्छा बन गया हूं। मुझे अच्छे काम करने हैं और खुश रहना है। ठान लें कि हमें पॉजिटिव सोचना है, पॉजिटिव देखना है और पॉजिटिव ही बोलना है।
आचरण : इसमें जो चीज हमने आचमन में की है, उसे अपने आचरण में लाना होता है। मतलब, वे चीजें हमारे बर्ताव में आएं और दूसरे लोगों को नजर आएं।
हास्यासन : इसमें वे क्रियाएं आती हैं, जो हम पार्क में करते हैं। इन क्रियाओं को लगातार करने से हंसमुख रहना हमारी आदत बन जाती है।
संवर्द्धन : योग करने का लाभ करनेवाले को मिलता है, लेकिन हास्य योग का फायदा उसे भी मिलता है, जो इसे देखता है। अगर कोई हंस रहा है तो वहां से गुजरने वाले को भी बरबस हंसी या मुस्कान आ जाती है।
ध्यान : हास्य योग की क्रियाओं को करने से शरीर के अंदर जो ऊर्जा आई है, ध्यान के जरिए उसे कंट्रोल किया जाता है।
मौन : मौन के चरण में हंसी को हम अंदर-ही-अंदर महसूस करते हैं।
हास्यासन में नीचे लिखी क्रियाओं को किया जाता है :
हास्य कपालभाति : जब लोग कपालभाति करते हैं तो उनके मन में तनाव होता है कि अगर हमने ऐसा नहीं किया तो हमारी बीमारी ठीक नहीं होगी। दुखी या तनावग्रस्त मन से किया गया कपालभाति उतना फायदेमंद नहीं होता। हास्य कपालभाति करने के लिए वज्रासन में बैठ जाएं। सीधा हाथ पेट पर रखें और हल्के से हां बोलें। ऐसा करने से सांस नाक और मुंह दोनों जगहों से बाहर आएगी और पेट अंदर जाएगा। आम कपालभाति में सांस सिर्फ नाक से बाहर जाती है, वहीं हास्य कपालभाति में सांस नाक और मुंह, दोनों जगहों से बाहर जाती है।
मौन हास्य : किसी भी आसन में बैठ जाएं। लंबा गहरा सांस लें। रोकें और फिर हंसते हुए छोड़ें। ध्यान रखें, बिना आवाज किए हंसना है। इसी क्रिया को बार-बार दोहराएं।
बाल मचलन : जैसे बच्चा मचलता है, कमर के बल रोलिंग करता है, उसी तरह इसमें हंसने की कोशिश की जाती है। पूरे मन को उमंग मिलती है।
ताली हास्य : बाएं हाथ की हथेली खोलें। सीधे हाथ की एक उंगली से पांच बार ताली बजाएं। फिर दो उंगली से पांच बार ताली बजाएं। इसी तरह तीन, चार और फिर पांचों उंगलियों से पांच-पांच बार ताली बजाते हुए जोरदार तरीके से हंसें। ताली बजाने से हाथ के एक्युप्रेशर पॉइंट्स पर प्रेशर पड़ता है और वे एक्टिवेट हो जाते हैं।
बेहद आसान है हास्य योग
अगर ऊपर बताए गए स्टेप्स मुश्किल लगते हैं तो सीधे-सीधे हास्य के व्यायाम कर सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं नमस्ते हास्य (एक-दूसरे की आंखों में आंखें डालकर हंसते जाएं), तू-तू, मैं-मैं हास्य (एक-दूसरे की ओर उंगली से लड़ने का भाव बनाते हुए हंसते जाएं), प्रशंसा हास्य (अंगूठे और उंगली को मिलाकर एक-दूसरे की तारीफ का भाव रखते हुए हंसते जाएं), मोबाइल फोन हास्य (मोबाइल की तरह कान पर हाथ लगाकर हंसते जाएं), लस्सी हास्य (हे... की आवाज निकालते हुए ऐसे करें मानो लस्सी के दो गिलास मिलाए और पी लिए। इसके बाद हंसते जाएं) आदि। बीच-बीच में लंबी सांसें लेते जाएं। इन तमाम अभ्यासों को करना काफी आसान है। यही वजह है कि हास्य योग इतना पॉप्युलर हुआ है।
कैसे सीखें : जो लोग हास्य योग सीखना चाहते हैं, वे जगह-जगह पार्कों में लगनेवाले शिविरों से सीख सकते हैं। ये शिविर फ्री होते हैं। इसके बाद रोजाना घर पर प्रैक्टिस की जा सकती है। एक सेशन में करीब 15 से 40 मिनट का वक्त लगता है।
रखें ध्यान
पार्क में खाली ठहाके लगाने से कुछ नहीं होता। वहां तो ठहाके लगा लिए और बाहर आए तो फिर से टेंशन ले ली तो सब किया बेकार हो जाता है। जरूरी है कि हम हंसी को अपनी जिंदगी और अपनी पर्सनैलिटी का हिस्सा बनाएं। शुरुआत में यह मुश्किल लगता है लेकिन अभ्यास से ऐसा किया जा सकता है। जिस चीज का बार-बार अभ्यास किया जाता है, वह धीरे-धीरे नेचरल बन जाती हूं। शुरुआत में नकली लगनेवाली जोरदार ठहाके वाली हंसी धीरे-धीरे हमारी आदत में शुमार हो जाती है।
खुद भी सीख सकते हैं हंसना
जो लोग पार्क आदि में जाकर दूसरों के साथ हंसना नहीं सीख सकते, वे अकेले में घर के अंदर भी हंसी की प्रैक्टिस कर सकते हैं। वे रोजाना 15 मिनट के लिए शीशे के सामने खड़े हो जाएं और बिना वजह जोर-जोर से हंसें। हंसी का असली फायदा तभी है, जब आप कुछ देर तक लगातार हंसें। इसके अलावा, बच्चों और दोस्तों के साथ वक्त गुजारना भी हंसने का अच्छा बहाना हो सकता है। कई बार डॉक्टर भी अपने मरीजों को लाफ्टर थेरपी की सलाह देते हैं। इसमें सबसे पहले खुद के चेहरे पर मुस्कान लाने को कहा जाता है। कार्टून शो, कॉमिडी शो या जोक्स आदि भी देख-सुन सकते हैं। हालांकि यह हंसी कंडिशनल होती है और सिर्फ एंटरटेनमेंट और रिलैक्सेशन के लिए होती है। इसका सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता। असली फायदा लंबी और बिना शर्त की हंसी से ही होता है। लोगों और खुद से परफेक्शन की उम्मीद न रखें, वरना हंसी के लिए जगह नहीं बन पाएगी। खुद को अपने करीबी लोगों की शरारतों और छेड़खानियों के लिए तैयार रखें।
कौन बरतें सावधानी
हार्निया, पाइल्स, छाती में दर्द, आंखों की बीमारियों और हाल में बड़ी सर्जरी कराने वाले लोगों को हास्य योग या हास्य थेरपी नहीं करनी चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाओं को भी इसकी सलाह नहीं दी जाती। टीबी और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को भी ख्याल रखना चाहिए कि उनकी हंसी से दूसरों में इन्फेक्शन न फैले।
अच्छी हंसी और खराब हंसी
अच्छी हंसी वह है, जो दूसरों के साथ हंसी जाए और खराब हंसी वह है, जो दूसरों पर हंसी जाए यानी उनका मजाक उड़ाकर हंसें। जब हम बेबाक, बिंदास, बिना तर्क, बिना शर्त और बिना वजह बच्चों की तरह हंसते हैं तो वह बेहद असरदार होती है। पांच साल से छोटे बच्चे दिन में 300-400 बार हंसते हैं और बड़े लोग बमुश्किल 10-15 बार ही हंसते हैं, इसलिए बच्चों की तरह बिना शर्त हंसें। रावण की तरह हंसना यानी दुनिया को दिखाने के लिए हंसना सही नहीं है। हंसना खुद के लिए चाहिए। इसी तरह अकेले हंसने का कोई मतलब नहीं है। हमारे आसपास के लोगों का हंसना भी जरूरी है। आजकल ज्यादातर लोग नकली हंसी हंसते हैं, जिसके पीछे अक्सर कोई स्वार्थ होता है, मसलन ऑफिस में बॉस को खुश करने वाली हंसी। ऐसी हंसी का शरीर को कोई फायदा नहीं है। इसी तरह जब हम दूसरों का मजाक उड़ाते हुए हंसते हैं तो हंसी के जरिए अपनी फ्रस्टेशन निकालते हैं। यह सही नहीं है। ज्यादातर कॉमिडी शो और चुटकुलों के जरिए ऐसी ही हंसी को बढ़ावा मिलता है। शुरुआत में निश्छल हंसी हंसना मुश्किल है। ऐसा दो ही स्थिति में मुमकिन है। पहला : हमारी सोच बेहद पॉजिटिव हो और हम बेहद खुशमिजाज हों। दूसरा : हास्य योग के जरिए हम अच्छी हंसी सीख लें।
खुशी के लिए हंसी जरूरी
अक्सर लोग कहते हैं कि जिंदगी में इतने तनाव हैं, तो खुश कैसे रहें और खुश नहीं हैं तो हंसें कैसे? लेकिन सही तरीका यह नहीं है कि हम खुश हैं, इसलिए हंसें, बल्कि हमें इस फॉर्म्युले पर काम करना चाहिए कि हम हंसते हैं, इसलिए खुश रहते हैं क्योंकि हंसने से बहुत-सी तकलीफें अपने आप खत्म हो जाती हैं। कह सकते हैं कि हंसी के लिए खुशी जरूरी नहीं है लेकिन खुशी के लिए हंसी जरूरी है। कई लोग बड़े खुशमिजाज होते हैं लेकिन साथ ही बड़े संवेदनशील भी होते हैं और अक्सर छोटी-छोटी बातों तो लेकर टेंशन ले लेते हैं। ऐसे लोग या तो दोहरी शख्सियत वाले होते हैं, मसलन होते कुछ हैं और दिखते कुछ और। वे सिर्फ खुशमिजाज दिखते हैं, होते नहीं हैं। या फिर ऐसे लोगों का रिएक्शन काफी तेज होता है। वे अक्सर बिना सोचे-समझे अच्छी और बुरी, दोनों स्थिति पर रिएक्ट कर देते हैं। दूसरी कैटिगरी के लोगों को हास्य योग से काफी फायदा होता है। उन्हें माइंड को कंट्रोल करना सिखाया जाता है।
- रोते गए मरे की खबर लाए यानी दुखी मन से करेंगे तो काम खराब ही होगा।
- घर से मस्जिद है बहुत दूर, चलों यूं कर लें किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए - निदा फाजली
- हंसी छूत की बीमारी है। एक को देख, दूसरे को आसानी से लग जाती है।
एक्सपर्ट्स पैनल
डॉ. मदन कटारिया, फाउंडर, लाफ्टर योग क्लब्स मूवमेंट
जितेन कोही, हास्य योग गुरु
डॉ. रवि तुली, एक्सपर्ट, होलेस्टिक मेडिसिन  

ईश्वर का वरदान है हंसी!
वर्ल्ड लाफ्टर डे विशेष
Webdunia
हंसी को हर कोई अपनाना चाहता है। हंसी से किसी को दोस्त बना सकते हैं तो रोते को हंसा भी सकते हैं। गम या कई रोगों को दूर करना हो तो भी हंसी काम आती है। मई के पहले रविवार को मनाया जाने वाला 'वर्ल्ड लाफ्टर डे' यह संकेत देता है कि आज भले ही इसने योग और चिकित्सा के साथ हाथ मिला लिया है पर इसकी अहमियत हमारे जीवन में हमेशा बनी रहेगी। फिर चाहे अपनाने का तरीका कैसा भी हो।
बगीचे में सुबह जोर-जोर से ठहाके लगाकर हंसने वालों की आज कमी नहीं। विश्व हास्य योग महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता कहते हैं कि हंसी से तनाव तो दूर होता है और तनाव की वजह से होने वाले रोग भी दूर हो जाते हैं।
आज कई शहरों में अधिक हास्य क्लब संचालित हो रहे हैं जिसकी वजह एक नहीं कई हैं। हंसी के द्वारा व्यक्ति न केवल सेहतमंद रहता है वरन्‌ उनके व्यक्तित्व में भी बदलाव आता है। इंसान हंसने से चुस्त व सकारात्मक हो जाता है। हंसी तो ईश्वर द्वारा मानव को दिया सबसे बड़ा उपहार है।
हंसने से शरीर के सभी रिलेक्सेशन पॉइंट एक्टिवेट होते हैं, साथ ही हृदय और मस्तिष्क बेहतर कार्य करता है। हंसने से फेफड़े के हरेक भाग में प्राणवायु अच्छे से पहुंचती है, फेफड़ों का व्यायाम भी हो जाता है और रक्तसंचार भी अच्छे से होता है। डॉ. लोंढ़े बताते हैं कि एक बार वे बहुत व्यस्त थे और रोगियों की लंबी कतार लगी हुई थी। ऐसे में एक रोगी के साथ हुई हास्यास्पद चर्चा ने न केवल थकान दूर कर दी वरन्‌ चिड़चिड़ाहट भी काफूर हो गई।

डॉ. एके जैन के अनुसार नियमित हंसें और स्वस्थ रहें :-
निराशा- जोर-जोर से हंसें, क्योंकि अवचेतन मन में जो बात दबी है वह हंसी के माध्यम से बाहर आ जाती है।
गर्भावस्था- शुरू के तीन माह में मध्यम हंसी हंसें और बाद के छः महीने में ऐसा हंसें जिससे पेट के निचले भाग पर जोर नहीं पड़े।
गले की समस्या- जोर से हंस सकते हैं पर हंसी को धीरे-धीरे बढ़ाएं व धीरे-धीरे कम करें।
थायराइड, मोटापा व टांसिल्स- इस दौरान सिंहमुद्रा में हास्य आसन करें।
रक्त संचार- रक्त संचार को सुचारू करने के लिए हंसना सबसे बेहतर होगा।
अस्थमा, ब्लड प्रेशर व हृदय रोगी- धीमा हंसें व मंदमंद मुस्कुराएं।

 दिल खोलकर हंसें और तनाव भगाएं
आज हंसने मुस्कराने का दिन है. जी हां, आज वर्ल्ड लाफ्टर डे है. इस खास दिन पर हम आपके लिए लेकर आए हैं टेंशन फ्री हंसी. क्योंकि हंसना बेहतर सेहत के लिए बेहद जरुरी है.
भोर के समय आस-पास के पार्क पर नजर दौड़ाएं तो शायद आपको घेरे में खड़े कुछ पुरुष और महिलाएं बिना खास उद्देश्य के ठहाके लगाते दिख जाएंगे। दरअसल, यह तनाव भगाने का एक तरीका है जिसे ‘लाफ्टर थेरेपी’ कहा जा सकता है।
ऐसे लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है जो अपने तनाव को दूर करने के लिए ‘लाफ्टर थेरेपी’ का सहारा ले रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, भारत में लाफ्टर थेरेपी का आगाज 195 के आस-पास में हुआ और इस कड़ी में देश में अब तक 7,000 से ज्यादा लाफ्टर क्लब और इसके 1क् हजार से ज्यादा सदस्य बन चुके हैं।
इसी दिशा में हर साल मई के पहले रविवार को ‘वर्ल्ड लाफ्टर डे’ मनाया जाता है।
गुड़गांव और नोएडा जैसे राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र में ‘दि डेल्ही लाफ्टर क्लब’ के 27 क्लब और 10 हजार से ज्यादा सदस्य हैं।
‘लाफ्टर थेरेपी’ के तहत बिना किसी विशेष कारण के लगभग 2क् मिनट तक हंसने की क्रिया में लिप्त रहा जाता है, जबकि ‘लाफ्टर योगा थेरेपी’ नियमित अंतराल पर सामान्य श्वास व्यायाम और उत्तेजित हंसी का मिला-जुला रूप होता है।
‘दि डेल्ही लाफ्टर क्लब’ के अनुसार, इस थेरेपी को हाल के वर्षो में काफी लोकप्रियता मिली है।
दंत चिकित्सक और ‘दि डेल्ही लाफ्टर क्लब’ के प्रमुख उमेश सहगल ने बताया, ‘‘मैंने 2001 में मात्र 10 सदस्यों के साथ राष्ट्रीय राजधानी में लाफ्टर क्लब शुरू किया था। लेकिन अब 10 हजार से ज्यादा सदस्य जुड़ चुके हैं।’’
उन्होंने बताया, ‘‘आनंदित करने वाली हंसी आंतरिक शारीरिक व्यायाम (इंटरनल जॉगिंग) के बराबर होती है, क्योंकि यह काफी हद तक रक्तचाप, तनाव को कम कर सकता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को सशक्त बना सकता है।’’
उन्होंने कहा कि साझी हंसी का यह उपक्रम तनाव दूर करने के सबसे प्रभावी विकल्पों में से एक है। कुछ महीनों बाद ‘झूठी हंसी’ सच्ची खिलखिलाहट में तब्दील हो जाती है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हंसी तत्काल राहत देती है और आपका अवसाद दूर हो जाता है। पुलिसिया जीवन में बहुत ज्यादा तनाव का सामना करना पड़ता है। मैं भी पिछले कुछ महीनों से ‘लाफ्टर योगा’ कर रहा हूं। वास्तव में मुझे बहुत सुख और शांति मिली है।’’
मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि जब कोई हंसता है तो मस्तिष्क के न्यूरो केमिकल्स सक्रिय होकर शरीर को बेहतर अहसास कराते हैं।
राष्ट्रीय मनोरोग चिकित्सा संस्थान के मनोचिकित्सक निखिल रहेजा कहते हैं, ‘‘मस्तिष्क का पूरा तंत्रिका तंत्र अनेक रसायन मुक्त करता है जो कि व्यक्ति के मिजाज, व्यवहार और शरीर को प्रभावित करता है।’’
फोर्टिस अस्पताल में हृदय संबंधी रोगों के चिकित्सक जेड.एस. मेहरावल ने बताया, ‘‘हंसी संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। मांसपेशियों को आराम और मानसिक स्वास्थ्य आदि के लिहाज से इसके अनेक सकारात्मक लाभ हैं।’’

 जब दिल खोलकर खूब ठहाके लगाएंगे तो टेंशन को भूल जाएंगे
आईएएनएस |
नई दिल्ली। भोर के समय आस-पास के पार्क पर नजर दौड़ाएं तो शायद आपको घेरे में खड़े कुछ पुरुष और महिलाएं बिना खास उद्देश्य के ठहाके लगाते दिख जाएंगे। दरअसल, यह तनाव भगाने का एक तरीका है जिसे 'लाफ्टर थेरेपी' कहा जा सकता है।
ऐसे लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है जो अपने तनाव को दूर करने के लिए 'लाफ्टर थेरेपी' का सहारा ले रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, भारत में लाफ्टर थेरेपी का आगाज 1995 के आस-पास में हुआ और इस कड़ी में देश में अब तक 7,000 से ज्यादा लाफ्टर क्लब और इसके 10 हजार से ज्यादा सदस्य बन चुके हैं।
इसी दिशा में हर साल मई के पहले रविवार को 'वर्ल्ड लाफ्टर डे' मनाया जाता है। गुड़गांव और नोएडा जैसे राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र में 'दि डेल्ही लाफ्टर क्लब' के 27 क्लब और 10 हजार से ज्यादा सदस्य हैं। 'लाफ्टर थेरेपी' के तहत बिना किसी विशेष कारण के लगभग 20 मिनट तक हंसने की क्रिया में लिप्त रहा जाता है, जबकि 'लाफ्टर योगा थेरेपी' नियमित अंतराल पर सामान्य श्वास व्यायाम और उत्तेजित हंसी का मिला-जुला रूप होता है।
'दि डेल्ही लाफ्टर क्लब' के अनुसार, इस थेरेपी को हाल के वर्षों में काफी लोकप्रियता मिली है। दंत चिकित्सक और 'दि डेल्ही लाफ्टर क्लब' के प्रमुख उमेश सहगल ने बताया कि मैंने 2001 में मात्र 10 सदस्यों के साथ राष्ट्रीय राजधानी में लाफ्टर क्लब शुरू किया था। लेकिन अब 10 हजार से ज्यादा सदस्य जुड़ चुके हैं।
उन्होंने बताया कि आनंदित करने वाली हंसी आंतरिक शारीरिक व्यायाम (इंटरनल जॉगिंग) के बराबर होती है, क्योंकि यह काफी हद तक रक्तचाप, तनाव को कम कर सकता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को सशक्त बना सकता है।
उन्होंने कहा कि साझी हंसी का यह उपक्रम तनाव दूर करने के सबसे प्रभावी विकल्पों में से एक है। कुछ महीनों बाद 'झूठी हंसी' सच्ची खिलखिलाहट में तब्दील हो जाती है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हंसी तत्काल राहत देती है और आपका अवसाद दूर हो जाता है। पुलिसिया जीवन में बहुत ज्यादा तनाव का सामना करना पड़ता है। मैं भी पिछले कुछ महीनों से 'लाफ्टर योगा' कर रहा हूं। वास्तव में मुझे बहुत सुख और शांति मिली है।
मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि जब कोई हंसता है तो मस्तिष्क के न्यूरो केमिकल्स सक्रिय होकर शरीर को बेहतर अहसास कराते हैं। राष्ट्रीय मनोरोग चिकित्सा संस्थान के मनोचिकित्सक निखिल रहेजा कहते हैं कि मस्तिष्क का पूरा तंत्रिका तंत्र अनेक रसायन मुक्त करता है जो कि व्यक्ति के मिजाज, व्यवहार और शरीर को प्रभावित करता है।
फोर्टिस अस्पताल में हृदय संबंधी रोगों के चिकित्सक जेड.एस. मेहरावल ने बताया कि हंसी संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। मांसपेशियों को आराम और मानसिक स्वास्थ्य आदि के लिहाज से इसके अनेक सकारात्मक लाभ हैं।

  तनाव से बचने के लिए दिल खोलकर हंसें
सुबह के समय आपको पार्क में कुछ लोग बिना किसी खास उद्देश्य के ठहाके लगाते दिख जाएंगे। दरअसल, यह तनाव भगाने का तरीका है जिसे जिसे ‘लाफ्टर थेरेपी’ कहते है। ऐसे लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है जो अपने तनाव को दूर करने के लिए ‘लाफ्टर थेरेपी’ का सहारा ले रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, भारत में लाफ्टर थेरेपी का आगाज 195 के आस-पास में हुआ और इस कड़ी में देश में अब तक 7,000 से ज्यादा लाफ्टर क्लब और इसके एक हजार से ज्यादा सदस्य बन चुके हैं। इसी दिशा में हर साल मई के पहले रविवार को ‘वर्ल्ड लाफ्टर डे’ मनाया जाता है। ‘लाफ्टर थेरेपी’ के तहत बिना किसी विशेष कारण के लगभग दो मिनट तक हंसने की क्रिया में लिप्त रहा जाता है, जबकि ‘लाफ्टर योगा थेरेपी’ नियमित अंतराल पर सामान्य श्वास व्यायाम और उत्तेजित हंसी का मिला-जुला रूप होता है। ‘दि डेल्ही लाफ्टर क्लब’ के अनुसार, इस थेरेपी को हाल के वर्षो में काफी लोकप्रियता मिली 

 जिंदगी लौट आएगी हंसकर देखिए
प्रीति सेठ
सौ दर्दों की एक दवा है हंसना। यह हंसी आपकी चिंता और तनाव को दूर करने के साथ आपको एनर्जी से भर देती है। इम्यून सिस्टम को दुरुस्त और दिल को महफूज रखने में भी पीछे नहीं है यह। और तो और धमनियों को फैलाकर सांस की नलियों और फेफड़ों को भी मजबूत करती है हंसी। एक हंसी कैसे शरीर और दिमाग के साथ आपके सामाजिक जीवन को भी बदल देती है, बता रही हैं प्रीति सेठ
लाफ्टर थेरेपी भले हाल में लोकप्रिय हुई है लेकिन यह थेरेपी सदियों पुरानी है। पुराने जमाने में राज दरबार में रखे गए विदूषक और बहरूपिए भी इसी थेरेपी को कारगर करने के लिए रखे जाते थे। रोजमर्रा की भगदौड़ भरी जिंदगी से खुशियों और चैन का नाता कब का टूट गया, पता ही नहीं चला। इसी का नतीजा है ढेर सारी बीमारियां। कहीं डिप्रेशन ने डसा है तो कहीं तनाव हावी है। हम ठीक से जीना भी भूलते जा रहे हैं। फिर कैसे याद रहे खुलकर हंसना और मुस्कुराना। शोधकर्ताओं का कहना है कि हंसी को गंभीरता से लेकर देखिए आपकी जिंदगी बदल जाएगी। आपकी असंख्य बीमारियों के साथ आपकी रचनात्मकता और ऊर्जा का भंडार छिपा है आपकी हंसी में।
तनाव से मुक्ति
फ्रेंच न्यूरोलॉजिस्ट हेनरी रूबेनस्टेन का मानना है कि एक मिनट की हंसी शरीर को जितना सहज बताती है, उतना सहज होने के लिए अन्य कोशिशों में कम से कम 45 मिनट लग जाते हैं। वास्तव में खुलकर हंसने से इंसानी शरीर की ब्लड वैसल्स (धमनियों) में फैलाव आता है जिससे खून तेजी से शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंचता है। खुशी और चैन से एंडोरफिन और कॉर्टिसोल जैसे रसायनों का रिसाव होता है जिनका मुख्य काम फील गुड कराना है।
इम्यून सिस्टम पर असर
इम्यून सिस्टम का महत्वपूर्ण रोल है हमारे शरीर को ठीक रखने में। नेगेटिव थिंकिंग यानी नकारात्मक भाव हमारे अंदर तनाव, अवसाद और गुस्से को जन्म देते है। इनसे हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर तो होती ही है, साथ ही बाहरी रोगों से लड़ने और उन्हें ङोलने की ताकत को भी कम कर देता है। लेकिन यहीं पर हंसने और खुश रहने से हमारे शरीर के प्राकृतिक किलर सेल्स यानी एंटीबॉडीज़ मजबूत होते हैं।
बीपी कंट्रोल
हंसने से ब्लड वैसल्स में हुए फैलाव से खून का बहाव तेज होता है। हार्ट चैंबर में खून का दौरा ठीक होने से कार्डियो वेस्क्युलर समस्याओं से बचाव होता है। खुलकर हंसने से व्यक्ति के विचार छूट जाते हैं। वह सब भूलकर फील गुड फैक्टर में खो जाता है। इससे भी ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है।
दर्द से छुटकारा
फ्लोरिडा के अस्पताल में सर्जरी के बाद के कुछ रोगियों पर किए गए प्रयोगों ने यह स्पष्ट दिखाया कि हंसी-खुशी की क्लास ने बिना दर्द निवारक दवाओं के उनको दर्द से राहत दिलाई और कुछ देर के लिए वे अपना दुख-दर्द भूल गए।
लाफ्टर क्लब
हंसने के फायदों को देखते हुए पहला लाफ्टर क्लब मुंबई में 1995 में डॉ मदन कटियार ने आरंभ किया था। आज संसार भर में पांच हजार लाफ्टर क्लब हैं, जिनके लाखों सदस्य हैं। भारत में इनकी संख्या तीन सौ से ज्यादा है। दिल्ली में भी ऐसे क्लबों की कमी नहीं। आप भी अपनी कॉलोनी में ऐसा क्लब बना सकते हैं और हंसी का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
सावधानी
ध्यान रहे कि हंसने-हंसाने में चूक न हो जाए इसलिए इस चेकलिस्ट पर नजर डालें
आपके मजाक दूसरे पर भारी न पड़ जाएं
क्या वैसा करना जरूरी था
क्या वह हरकत नागवार थी
कहीं स्थिति खतरनाक न हो जाए
याद रखें
याद रखिए कि जब आप हंसते हैं तो सब भूल जाते हैं। ऐसे समय में आप तनाव, गुस्सा और अवसाद की स्थिति में नहीं हो सकते। हंसी नहीं आ रही और केवल मुस्कुरा ही पाते हैं तो भी चिंता नहीं कीजिए। इसे इस मंजिल की पहली सीढ़ी मानें।
लाफ्टर थेरेपी के लाभ अनेक
शारीरिक


तनाव दूर करने में मदद
इम्यून सिस्टम को मजबूती देना
एंडोरफिन का रिसाव जो आपको रखे खुश
दिल की सुरक्षा
मसल्स को सहज करने में सहायक
चेहरे की मांसपेशियां भी होती हैं सक्रिय
वजन घटाने में भी मदद मिलती है
मानसिक
मन को खुश कर जीवन में खुशी का एहसास कराती है
यह भय, झिझक व तनाव को दूर करती है
पॉजिटिव फीलिंग को बढ़ाना
स्मरण शक्ति बढ़ती है
सामाजिक
संबंधों को ताकत मिलती है
दूसरों को आपकी तरफ आकर्षित करने में मदद मिलती है
टीम वर्क को बढ़ावा मिलता है
मतभेद दूर करने में मदद मिलती है
ग्रुप बॉडिंग को बढ़ावा देती है यह थेरेपी
हंसने के लिए
कॉमेडी फिल्म या टीवी शो देखें
कॉमिक बुक पढें
लाफ्टर क्लब के सदस्य बनें
फनी लोगों से मिलें
अच्छे जोक या फनी स्टोरी शेयर करें
दोस्तों के साथ नाइट पार्टी का आनन्द उठाएं
लाफ्टर योग करें
बच्चों के साथ कुछ समय बिताएं, साथ खेलें या बातें करें
पिछली फनी याद को ताजा करें
कभी-कभी फनी हरकत करने में भी परहेज नहीं करें
पेट के साथ खेलकर हंसी को महसूस करें
दूसरों की फनी बातें पूछें

Note-यह ब्लॉग मैंने अपनी रूची के अनुसार बनाया है इसमें जो भी सामग्री दी जा रही है वह मेरी अपनी नहीं है कहीं न कहीं से ली गई है। अगर किसी के कॉपी राइट का उल्लघन होता है तो मुझे क्षमा करें।मैं हर इंसान के लिए ज्योतिष के ज्ञान के प्रसार के बारे में सोच कर इस ब्लॉग को बनाए रख रहा हूँ।

पानी से रोगों की छुट्टी: तांबे के पात्र में पानी : Water in copper vessels :

  रोज पिएंगे तांबे के बर्तन का पानी तो इन 10 बड़े रोगों की छुट्टी हो जाएगी



उज्जैन। कहते हैं कि रात को तांबे के पात्र में पानी रख दें और सुबह इस पानी को पिएं तो अनेक फायदे होते हैं। आयुर्वेद में कहा गया है कि यह पानी शरीर के कई दोषों को शांत करता है। साथ ही, इस पानी से शरीर के जहरीले तत्व बाहर निकल जाते हैं। रात को इस तरह तांबे के बर्तन में संग्रहित पानी को ताम्रजल के नाम से जाना जाता है।
ये ध्यान रखने वाली बात है कि तांबे के बर्तन में कम से कम 8 घंटे तक रखा हुआ पानी ही लाभकारी होता है। जिन लोगों को कफ की समस्या ज्यादा रहती है, उन्हें इस पानी में तुलसी के कुछ पत्ते डाल देने चाहिए। बहुत कम लोग जानते हैं कि तांबे के बर्तन का पानी पीने के बहुत सारे फायदे हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से होने वाले कुछ बेहतरीन फायदों के बारे में...
स्किन को बनाए स्वस्थ- अधिकतर लोग हेल्दी स्किन के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स का उपयोग करते हैं। वो मानते हैं कि अच्छे कॉस्मेटिक्स यूज करने से त्वचा सुंदर हो जाती है, लेकिन ये सच नहीं है। स्किन पर सबसे अधिक प्रभाव आपकी दिनचर्या और खानपान का पड़ता है। इसीलिए अगर आप अपनी स्किन को हेल्दी बनाना चाहते हैं तो तांबे के बर्तन में रातभर पानी रखें और सुबह उस पानी को पी लें। नियमित रूप से इस नुस्खे को अपनाने से स्किन ग्लोइंग और स्वस्थ लगने लगेगी।
थायराइड को करता है नियंत्रित-
थायरेक्सीन हार्मोन के असंतुलन के कारण थायराइड की बीमारी होती है। थायराइड के प्रमुख लक्षणों में तेजी से वजन घटना या बढ़ना, अधिक थकान महसूस होना आदि हैं।
थायराइड एक्सपर्ट मानते है कि कॉपर के स्पर्श वाला पानी शरीर में थायरेक्सीन हार्मोन को बैलेंस कर देता है। यह इस ग्रंथि की कार्यप्रणाली को भी नियंत्रित करता है। तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से रोग नियंत्रित हो जाता है।
गठिया में होता है फायदेमंद- आजकल कई लोगों को कम उम्र में ही गठिया और जोड़ों में दर्द की समस्या सताने लगती हैं। यदि आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो रोज तांबे के पात्र का पानी पिएं।
गठिया की शिकायत होने पर तांबे के बर्तन में रखा हुआ जल पीने से लाभ मिलता है। तांबे के बर्तन में ऐसे गुण आ जाते हैं, जिनसे बॉडी में यूरिक एसिड कम हो जाता है और गठिया व जोड़ों में सूजन के कारण होने वाले दर्द में आराम मिलता है।
हमेशा दिखेंगे जवान-
कहते हैं, जो पानी ज्यादा पीता है उसकी स्किन पर अधिक उम्र में भी झुर्रियां दिखाई नहीं देती हैं।
ये बात एकदम सही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप तांबे के बर्तन में जल को रखकर पिएं तो इससे त्वचा का ढीलापन आदि दूर हो जाता है। डेड स्किन भी निकल जाती है और चेहरा हमेशा चमकता हुआ दिखाई देता है।
पाचन क्रिया को ठीक करता है- एसिडिटी या गैस या पेट की कोई दूसरी समस्या होने पर तांबे के बर्तन का पानी अमृत की तरह काम करता है।
खून की कमी करता है दूर-
एनीमिया या खून की कमी एक ऐसी समस्या है जिससे 30 की उम्र से अधिक की कई भारतीय महिलाएं परेशान हैं। कॉपर के बारे में यह तथ्य सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक है कि यह शरीर की अधिकांश प्रक्रियाओं में बेहद आवश्यक होता है।
यह शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों को अवशोषित करने का काम करता है। इसी कारण तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से खून की कमी या विकार दूर हो जाते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, अगर आप अपने शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालना चाहते हैं तो तांबे के बर्तन में कम से कम 8 घंटे रखा हुआ जल पिएं। इससे राहत मिलेगी और पाचन की समस्याएं भी दूर होंगी।
दिल को बनाए हेल्दी  - तनाव आजकल सभी की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। इसीलिए
दिल के रोग और तनाव से ग्रसित लोगों की संख्या तेजी बढ़ती जा रही है। यदि आपके साथ भी ये परेशानी है तो तो तांबे के जग में रात को पानी रख दें।
सुबह उठकर इसे पी लें। तांबे के बर्तन में रखे हुए जल को पीने से पूरे शरीर में रक्त का संचार बेहतरीन रहता है। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है और दिल की बीमारियां दूर रहती हैं।
 कैंसर से लड़ने में सहायक-  कैंसर होने पर हमेशा तांबे के बर्तन में रखा हुआ जल पीना चाहिए। इससे लाभ मिलता है। तांबे के बर्तन में रखा हुआ जल वात, पित्त और कफ की शिकायत को दूर करता है। इस प्रकार के जल में एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो इस रोग से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं।
अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, कॉपर कई तरीके से कैंसर मरीज की हेल्प करता है। यह धातु लाभकारी होती है।
सूक्ष्मजीवों को खत्म करता है- तांबे की प्रकृति में ऑलीगोडायनेमिक के रूप में ( बैक्टीरिया पर धातुओं की स्टरलाइज प्रभाव ) माना जाता है। इसीलिए इसके बर्तन में रखे पानी के सेवन से हानिकारक बैक्टीरिया को आसानी से नष्ट किया जा सकता है।
इसमें रखे पानी को पीने से डायरिया, दस्त और पीलिया जैसे रोगों के कीटाणु भी मर जाते हैं, लेकिन पानी साफ और स्वच्छ होना चाहिए।
वजन घटाने में मदद करता है- कम उम्र में वजन बढ़ना आजकल एक कॉमन प्रॉब्लम है। अगर कोई भी व्यक्ति वजन घटाना चाहता है तो एक्सरसाइज के साथ ही उसे तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीना चाहिए।
इस पानी को पीने से बॉडी का एक्स्ट्रा फैट कम हो जाता है। शरीर में कोई कमी या कमजोरी भी नहीं आती है।

  भारतीय परिवार के रसोई में किसी जमाने में तांबे, पीतल, कांसे के बर्तन ही नजर आते थे। स्टील के बर्तन
तो आधुनिक समय की देन है। दरअसल हमारी संस्कृति में तांबे, पीतल और कांसे के बर्तनों का इस्तेमाल करने के पीछे अनेक स्वास्थ्य संबंधी कारण छिपे हुए हैं।
1. भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के अनुसार तो नियमित रूप से तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पीने से हमारा शरीर चुस्त-दुरूस्त रहता है तथा कब्ज एसिडिटी, अफारा, विविध चर्म-रोग, जोड़ों का दर्द इत्यादि शिकायतों से मुक्ति मिलती है। सवेरे उठकर बिना ब्रश किए हुए एक लीटर पानी पीना स्वास्थ के लिए हितकर होता है। आयुर्वेद की मानें तो ताम्र-धातु से निर्मित ‘जल-पात्र’ सर्वश्रेष्ठ माना गया है। तांबे के अभाव में मिट्टी का ‘जल-पात्र’ भी हितकर बतलाया गया है।
2. तांबा खाद्य- पदार्थों को जहरीला बनाने वाले विषाणुओं को मारने की क्षमता तो रखता ही है, साथ ही कोशिकाओं की झिल्ली और एंजाइम में हस्तक्षेप करता है, जिससे रोगाणुओं के लिए जीवित रह पाना संभव नहीं हो पाता है. तांबे के बर्तन में ई-कोली जैसे खतरनाक जीवाणु नहीं पनप सकते। परीक्षणों से यह
भी साबित हुआ है कि सामान्य तापमान में तांबा सिर्फ चार घंटे में ई-कोली जैसे हानिकारक जीवाणुओं को मार डालता है। इसके विपरीत स्टेनलैस- स्टील के धरातल पर जीवाणु एक महीने से भी ज्यादा समय तक जिंदा रह सकते है
3. तांबे से शरीर को मिलने वाले लाभ- त्वचा में निखार आता है, कील-मुंहासों की शिकायतें भी दूर होती हैं। पेट में रहनेवाली कृमियों का विनाश होता है और भूख लगने में मदद मिलती है। बढ़ती हुई आयु की वजह से होने वाली रक्तचाप की बीमारी और रक्त के विकार नष्ट होने में सहायता मिलती है, मुंह फूलना, घमौरियां आना, आंखों की जलन जैसे उष्णता संबंधित विकार कम होते हैं। एसिडिटी से होने वाला सिरदर्द, चक्कर आना और पेट में जलन जैसी तकलीफें कम होती हैं। बवासीर तथा एनीमिया जैसी बीमारी में लाभदायक । इसके कफनाशक गुण का अनुभव बहुत से लोगों ने लिया है। पीतल के बर्तन में करीब आठ से दस घंटे पानी रखने से शरीर को तांबे और जस्ते, दोनों धातुओं के लाभ मिलेंगे। जस्ते से शरीर में प्रोटीन की वृद्घि तो होती ही है साथ ही यह बालों से संबंधित बीमारियों को दूर करने में भी लाभदायक होता है.
4. बर्मिघम में हुआ शोध शोधकर्ताओं ने अस्पताल में पारंपरिक टॉयलेट की सीट, दरवाजे के पुश प्लेट, नल के हैंडिलस को बदल कर कॉपर की ऎसेसरीज लगा दीं। जब उन्होंने दूसरे पारम्परिक टॉयलेट में उपस्थित जीवाणुओं के घनत्व की तुलना उससे की तो पाया कि कॉपर की सतह पर 90 से 100
फीयदी जीवाणु कम थे। यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल बर्मिघम में हुए इस शोध में अध्ययन दल के प्रमुख प्रोफेसर टॉम एलिएट ने बताया कि बर्मिघम एवं दक्षिण अफ्रीका में परीक्षणों से पता चला है कि तांबे के इस्तेमाल से अस्पताल के भूतल को काफी हद तक हानिकारक जीवाणुओं से मुक्त रखा जा सकता है। कॉपर बायोसाइड से जुड़े शोधों से भी पता चलता है कि तांबा संक्रमण से दूर रखता है। यही तथ्य ताम्रपात्रों पा भी लागू होते हैं
5. आयुर्वेद में रसरत्नसमुच्चय ग्रंथ के पांचवें अध्याय के श्लोक 46 में कहा गया है कि अंदर तथा बाहर से अच्छी तरह से साफ किए हुए तांबे या पीतल (यह मिश्र धातु 70 प्रतिशत तांबा और 30 प्रतिशत जस्ते का संयुग है) के बर्तनों में करीब आठ से दस घंटे तक रखे पानी में तांबे और जस्ते के गुण संक्रमित होते हैं और यह पानी (ताम्रजल) संपूर्ण शरीर के लिए लाभदायक होता है


6. पानी की अपनी स्मरण-शक्ति होने के कारण हम इस बात पर ध्यान देते हैं कि उसको कैसे बर्तन
में रखें। अगर आप पानी को रात भर या कम-से- कम चार घंटे तक तांबे के बर्तन में रखें तो यह तांबे के कुछ गुण अपने में समा लेता है। यह पानी खास तौर पर आपके लीवर के लिए और आम तौर पर आपकी सेहत और शक्ति- स्फूर्ति के लिए उत्तम होता है। अगर पानी बड़ी तेजी के साथ पंप हो कर अनगिनत
मोड़ों के चक्कर लगाकर सीसे या प्लास्टिक की पाइप के सहारे आपके घर तक पहुंचता है तो इन सब मोड़ों से रगड़ाते-टकराते गुजरने के कारण उसमें काफी नकारात्मकता समा जाती है। लेकिन पानी में याददाश्त के साथ-साथ अपने मूल रूप में वापस पहुंच पाने की शक्ति भी है। अगर आप नल के इस पानी को एक घंटे तक बिना हिलाये-डुलाये रख देते हैं तो नकारात्मकता अपने-आप खत्म हो जाती है
7. तांबे और चांदी के बैक्टीरिया-नाशक गुण और भी अधिक हो जाते हैं, जब यह धातुएं ’नैनो’ रूप में हों, क्योंकि इस रूप में धातु की सतह को लाखों गुना बढ़ाया जा सकता है। इस वजह से धातु की बहुत कम मात्रा से काम चलाया जा सकता है। ’नैनो-तांबा’ और ’नैनो-चांदी’ पर हुई शोध से यह परिणाम पिछले 10-15 सालों में ही सामने आए हैं और इन्हें वाटर-फिल्टर और एयर-फिल्टर टेक्नालजी में अपनाया जा चुका है। लेकिन विडम्बना यह है कि लोग महंगे-महंगे वाटर-फिल्टर लगवा कर उसका पानी पीना पसंद करते हैं, न कि तांबे के बरतन में रखा पानी। अपने को पढ़ा-लिखा और आधुनिक कहने वाली यह पीढ़ी पुराने तौर-तरीकों को दकियानूसी करार देने में शेखी समझती है, और जब इस पर पश्चिम की मुहर लग जाती है तो उसे सहर्ष गले लगा लेती है।
फ्रीज, प्लास्टिक बॉटल में जल रखने से या आधुनिक तकनीक वाले वॉटर प्यूरीफायर से उसकी Life Force energy शुन्य हो जाती है. प्यूरीफायर से निकला जल निःसंदेह बैक्टीरिया मुक्त होता है परंतु life force energy शुन्य हो जाती है.
मनुष्य शरीर पांच तत्वों से बना है. जल ऊन में से एक तत्व है. आजकल पुराने भारतीय तरीके का त्याग कारण है की हमारे शरीर में जल तत्व की कमी हो रही है, जिससे की किडनी और urinary tract संबंधित बीमारियां बढ़ रही है.
समाज में पानी की life force energy शुन्य होने से नपुंसकता भी बढ़ रही है.. कई बार पानी की बोतल कार में रखी रह जाती है. पानी धुप में गर्म होता है.प्लास्टिक की बोतलों में पानी बहुत देर से रखा हो और तापमान अधिक हो जाए तो गर्मी से प्लास्टिक में से डाइऑक्सिन नामक रसायन निकल कर पानी में मिल जाता है. यह कैंसर पैदा करता है.वॉटर प्यूरीफायर भी प्लास्टिक से ही बनते हैं. इसी तरह प्लास्टिक रैप में या प्लास्टिक के बर्तनों में माइक्रोवेव में खाना गर्म करने से भी यह ज़हरीला रसायन बनता है. विशेषकर तब जब खाने में घी या तेल हो. इसी तरह स्टाइरीन फोम के बने ग्लास और दोनेभी रसायन छोड़ते है ।

रोज नहाने के बाद पीना चाहिए एक गिलास पानी, ये हैं पानी की खास बातें

धर्म डेस्क | 

रोज नहाने के बाद पीना चाहिए एक गिलास पानी, ये हैं पानी की खास बातें
उज्जैन। देशभर में इस समय सूर्य के प्रकोप से प्रचंड गर्मी बरस रही है। यदि कोई मजबूरी ना हो तो अधिकांश लोग दोपहर में बाहर निकलना नहीं चाहते। गर्मी में अधिक समय तक बाहर घूमने से कई प्रकार के रोग होने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। गर्मी से रक्षा के लिए सबसे अधिक जरूरी है कि हमारे शरीर में पर्याप्त पानी हमेशा रहे। यदि शरीर में पर्याप्त रहेगा तो गर्मी से लड़ने की शक्ति मिलती रहेगी। गर्मी के कारण हमारे शरीर से पसीने के रूप में पानी बहुत तेजी से कम होता है, पानी की कमी होगी तो लू लगने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। इसके साथ ही कई अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं। इनसे बचने के लिए ध्यान रखें समय-समय पर पानी पीते रहे।
विद्वानों के अनुसार पानी पीने के संबंध में कई महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं। हमें किस समय कितना पानी पीना चाहिए, इस बात का ध्यान रखेंगे तो चमत्कारिक रूप से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं।

- यदि कोई व्यक्ति हर रोज सुबह-सुबह उठते ही एक गिलास पानी पीता है तो उसकी पाचन शक्ति हमेशा व्यवस्थित रहती है। शरीर को ऊर्जा मिलती है। यदि पाचन व्यवस्थित रहता है तो कोई भी व्यक्ति लंबी उम्र तक जीवित रह सकता है।
- हर रोज नहाने के बाद हमें एक गिलास पानी पीना चाहिए। इससे रक्त-संचार व्यवस्थित रहता है।
- हर रोज सोने से पहले कम से कम आधा गिलास पानी पीना चाहिए। ऐसा करने पर हार्ट अटैक की संभावनाओं में कमी आती है।
पानी के संबंध में चाणक्य नीति
आचार्य चाणक्य ने बताया है कि गलत समय पर पानी पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। कुछ परिस्थितियां ऐसी हैं, जब पानी नुकसान पहुंचाता है। अत: इस संबंध यहां बताई गई नीति का ध्यान रखना चाहिए...
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि...
अजीर्णे भेषजं वारि जीर्णे वारि बलप्रदम्।
भोजने चाऽमृतं वारि भोजनान्ते विषप्रदम्।।
इस श्लोक आचार्य ने बताया है कि खाना खाते समय पानी पीने के संबंध में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। खाना सही ढंग से पचने के बाद ही हमारे शरीर को कार्य करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। अत: खाना खाते समय पानी के संबंध में यहां दी गई नीति का ध्यान रखना चाहिए।
खाने के एकदम बाद न पीएं पानी

आचार्य के अनुसार भोजन के एकदम बाद पानी तक नहीं पीना चाहिए। जब तक भोजन पच ना जाए, तब तक पानी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है। यदि कोई व्यक्ति भोजन के तुरंत बाद पानी पी लेता है तो उसके पाचन तंत्र को भोजन पचाने में परेशानियां होती हैं। यदि खाना ठीक से पचेगा नहीं हो तो शरीर को उचित ऊर्जा प्राप्त नहीं हो पाएगी। अपच की स्थिति में पेट संबंधी रोग होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
भोजन के तुरंत बाद पानी पीने पर वह विष के समान कार्य करता है, भोजन पचने में रुकावट पैदा करता है। यदि हम चाहे तो भोजन के बीच-बीच में थोड़ा-थोड़ा पानी पी सकते हैं, लेकिन अधिक पानी पीना नुकसानदायक हो सकता है।
कब पीएं पानी
चाणक्य कहते हैं कि जब खाना पूरी तरह पच जाए तो उसके बाद पानी पीना चाहिए। खाना पचने के बाद पानी पीने पर वह अमृत के समान काम करता है। शरीर को भरपूर ऊर्जा प्रदान करता है और पाचन तंत्र भी स्वस्थ रहता है। पाचन तंत्र के स्वस्थ होने पर पेट भी ठीक रहता है। पेट ठीक होने से कब्ज, गैस, अपच आदि समस्याएं नहीं होती हैं।

ध्यान रखें, भोजन से कुछ देर पहले एक-दो गिलास पानी पी सकते हैं। खाना खाते समय बीच-बीच में एक-दो घूंट पानी पीना लाभदायक होता है। ऐसा करने पर खाना जल्दी पचता है। साथ ही, पाचन शक्ति भी बढ़ती है।
आगे जानिए पानी के संबंध में कुछ और आवश्यक नियम...
- हमें जब भी प्यास लगे, तब कम से कम एक गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए। ऐसा करने पर हमारा शरीर पानी की कमी को पूरा कर लेता है।
- परिश्रम वाले काम करने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। मेहनत वाले काम करने के बाद कम से कम आधे घंटे बाद पानी पीना चाहिए।
- अभी गर्मी के दिन है तो इस बात का ध्यान रखें कि धूप में घुमने के बाद घर लौटकर एकदम पानी नहीं पीना चाहिए। धूप में घुमने से शरीर एकदम गर्म रहता है और इस परिस्थिति में पानी पीने पर स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।
- लू लग जाने पर ठंडा पानी व सर्दी लग जाने पर गर्म पानी पीना चाहिए। ऐसा करने पर शरीर को राहत मिलती है।
जल ही सभी प्राणियों के जीवन का आधार है और हमारी अच्छी सेहत के लिए भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ये बात तो सभी जानते हैं कि पानी से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं, लेकिन पानी से कई प्रकार के चमत्कारी लाभ भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को किस्मत का साथ नहीं मिल पा रहा है, कार्यों में असफलता मिल रही हो, जीवन में दुख लगातार बने रहता है, घर-परिवार में परेशानियां चल रही हों तो पानी के कुछ चमत्कारी उपाय करने पर इन सभी परेशानियों से निजात मिल सकती है। शास्त्रों के अनुसार पानी से किए जाने वाले कुछ उपाय बताए गए हैं, जिनसे बुरे समय में भी शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं-
शुभ मुहुर्त में रात को सोने से पहले करें पानी का ये उपाय
रात को सोने से पहले एक तांबे के लोटे में जल भरकर अपने सिर के पास रखें। ध्यान रखें लोटा इस प्रकार रखें कि जब हम सो जाए तब नींद में वह हमसे ढुल ना जाए। सुबह उठने पर इस लोटे के जल को किसी बबूल के पेड़ की जड़ में चढ़ा दें। यह उपाय किसी भी शुभ मुहुर्त में किया जा सकता है। इस उपाय आपके आसपास की सभी नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाएगी। यदि किसी की बुरी नजर होगी तो वह भी उतर जाएगी।
हर शनिवार पीपल को जल चढ़ाएं
यदि आप हर शनिवार पीपल में जल चढ़ाएंगे तो शनि दोष से मुक्ति मिलेगी और सभी देवी-देवताओं की कृपा मिलेगी।